पेरिस,फ्रांस ( निकलेश जैन ) दुनिया के नंबर-1 शतरंज खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन ने एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित करते हुए 2026 ई-स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया। कार्लसन ने फाइनल में 19 वर्षीय डेनिस लाजाविक को दोनों सेट में 3-1 से हराते हुए लगातार दूसरी बार इस खिताब पर कब्जा किया। बड़ी बात यह रही कि कार्लसन पूरे टूर्नामेंट में एक भी बाजी नहीं हारे।
फाइनल में कार्लसन ने शुरुआत से ही बेहद सटीक खेल दिखाया । पहले सेट में उन्होंने लाजाविक को 3-1 से मात दी और दूसरे सेट में भी यही स्कोर दोहराकर खिताब पक्का कर लिया। दोनों सेट में कार्लसन ने दो-दो बाजियां जीतीं और अपने युवा प्रतिद्वंद्वी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
इस शानदार प्रदर्शन के लिए कार्लसन को 2.5 लाख डॉलर की पुरस्कार राशि के साथ 1000 अंक मिले, जिससे उनकी टीम टीम लिक्विड को भी फायदा हुआ।
कार्लसन ने टूर्नामेंट के दौरान अपनी रणनीति के बारे में कहा कि उनका लक्ष्य जोखिम भरी शतरंज खेलने के बजाय स्थिति को नियंत्रण में रखना और मिलने वाले मौकों का फायदा उठाना था।
कार्लसन ने खिताब जीतने के बाद मजाकिया अंदाज में कहा कि टूर्नामेंट में उनके सामने आने वाला हर खिलाड़ी 2000 के बाद पैदा हुआ था और यह दिखाना अच्छा है कि पुरानी पीढ़ी अभी भी मोहरों को चलाना जानती है।
लाजाविक का शानदार प्रदर्शन
19 वर्षीय लाजाविक भले ही खिताब से चूक गए, लेकिन उनका प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। वह भी पूरे प्लेऑफ में एक भी बाजी हारे बिना फाइनल तक पहुंचे थे। दूसरे स्थान के लिए उन्हें 1.9 लाख डॉलर की बड़ी पुरस्कार राशि मिली। उनकी टीम एजी.एएल भी टीम प्रतियोगिता में मजबूत स्थिति में पहुंच गई है।
नाकामुरा तीसरे स्थान पर
तीसरे स्थान के मुकाबले में हिकारू नाकामुरा ने अलीरेजा फिरोजा को 4-1 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया। नाकामुरा को 1.45 लाख डॉलर मिले।