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स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय महिला क्रिकेट की उभरती स्टार और ICC महिला क्रिकेट विश्व कप विजेता क्रांति गौड़ के परिवार के लिए एक भावुक और ऐतिहासिक पल सामने आया है। लगभग 13–14 साल के लंबे इंतज़ार के बाद उनके पिता मुन्ना सिंह को मध्य प्रदेश पुलिस में फिर से सेवा में बहाल कर दिया गया है। यह फैसला न सिर्फ एक प्रशासनिक आदेश है, बल्कि संघर्ष, धैर्य और उम्मीद की जीत का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के हस्तक्षेप के बाद आया यह निर्णय गौड़ परिवार के लिए राहत और सम्मान दोनों लेकर आया है। 

मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से खुला रास्ता

मध्य प्रदेश के खेल मंत्री विश्वास सारंग ने जानकारी दी कि यह बहाली राज्य पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी की गई, जो सीधे मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश के बाद संभव हो पाई। मुख्यमंत्री ने नवंबर 2025 में भोपाल में आयोजित एक सम्मान समारोह के दौरान क्रांति गौड़ से मुलाकात के बाद सार्वजनिक रूप से इस मामले को सुलझाने का आश्वासन दिया था। सोमवार को यह वादा औपचारिक आदेश के साथ पूरा हुआ।

2012 की बर्खास्तगी और परिवार की मुश्किलें

मुन्ना सिंह, जो मध्य प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत थे, को वर्ष 2012 में चुनाव ड्यूटी के दौरान कथित लापरवाही के आरोपों के चलते सेवा से हटा दिया गया था। इस फैसले के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति बुरी तरह प्रभावित हुई। नियमित आय समाप्त होने से गौड़ परिवार को गंभीर वित्तीय संकटों का सामना करना पड़ा।

संघर्षों में पली-बढ़ी क्रांति गौड़

छतरपुर जिले के घुवारा गांव से आने वाली क्रांति गौड़ ने अपने जीवन में संघर्ष को बेहद करीब से देखा है। उन्होंने कई बार सार्वजनिक मंचों पर बताया है कि किस तरह परिवार को बुनियादी जरूरतों के लिए भी जूझना पड़ा। ऐसे दौर भी आए जब एक वक्त का खाना जुटाना मुश्किल हो गया था। बावजूद इसके, क्रांति ने अपने सपनों से समझौता नहीं किया और क्रिकेट को अपना सहारा बनाया।

विश्व कप जीत से बदली कहानी

नवंबर 2025 में भारत की ऐतिहासिक पहली ICC महिला वनडे विश्व कप जीत के दौरान क्रांति गौड़ देशभर में पहचान का चेहरा बनीं। उन्होंने टूर्नामेंट में आठ मैचों में नौ विकेट लेकर भारत की सफलता में अहम भूमिका निभाई। उनकी इस उपलब्धि के बाद उनके पिता का मामला दोबारा चर्चा में आया और प्रशासन का ध्यान इस ओर गया।

सम्मान और बहाली: एक अधूरा सपना पूरा

खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, इस फैसले से न केवल परिवार को आर्थिक और सामाजिक सहारा मिला है, बल्कि क्रांति का वह सपना भी पूरा हुआ है जिसमें वह अपने पिता को पुलिस की वर्दी में सम्मान के साथ रिटायर होते देखना चाहती थीं। यह निर्णय परिवार के लिए लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता का अंत है।

आगे का क्रिकेट सफर जारी

क्रांति गौड़ का क्रिकेट करियर भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। वह हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ खेली गई T20I सीरीज़ का हिस्सा थीं, जिसमें भारत ने 5-0 से जीत दर्ज की। आगामी T20 विश्व कप के लिए भी उन्हें संभावित खिलाड़ियों में माना जा रहा है। इसके अलावा, वह 9 जनवरी से शुरू होने वाले WPL 2026 में UP वॉरियर्ज की ओर से खेलती नज़र आएंगी, जिन्होंने उन्हें 50 लाख रुपये में रिटेन किया है।

संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक कहानी

क्रांति गौड़ और उनके पिता की यह कहानी न केवल खेल जगत, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा है। यह दिखाती है कि मेहनत, धैर्य और सही समय पर मिला न्याय किस तरह ज़िंदगी की दिशा बदल सकता है।