मैके : जेसन गिलेस्पी ने चेतावनी दी है कि मार्नस लाबुशेन को 23 अगस्त से मैके में बांग्लादेश के खिलाफ होने वाले दूसरे टेस्ट में रन बनाने होंगे, नहीं तो ऑस्ट्रेलियाई टीम में उनकी जगह खतरे में पड़ सकती है। लाबुशेन डार्विन में हुए पहले टेस्ट में 1 और 31 रन ही बना पाए थे जिसमें ऑस्ट्रेलिया को बांग्लादेश से हार का सामना करना पड़ा था। दूसरी पारी में उनके 31 रनों ने उस मुश्किल दौर को और लंबा कर दिया है, जिसमें वे जुलाई 2023 से 42 टेस्ट पारियों में कोई शतक नहीं लगा पाए हैं, इस दौरान उनका औसत 25.32 रहा है और उन्होंने 9 अर्धशतक लगाए हैं। गिलेस्पी ने ओली पीक, जेडन गुडविन, कैंपबेल केलावे और सैम कॉन्स्टास का नाम संभावित रिप्लेसमेंट के तौर पर लिया है, अगर लाबुशेन अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं।
गिलेस्पी ने 'द इंडियन एक्सप्रेस' से बातचीत में कहा, 'डार्विन में दूसरी पारी में 31 रन बनाते समय वे ठीक-ठाक लग रहे थे। लेकिन वे आउट होने के तरीके ढूंढ ही लेते हैं। वे अक्सर विकेट के पीछे गेंद को एज (निक) कर बैठते हैं और ऑफ स्टंप के बाहर की गेंदों पर शॉट खेलते हुए कैच आउट हो जाते हैं। उन्हें मैके में रन बनाने होंगे, वरना उनकी जगह निश्चित रूप से खतरे में पड़ जाएगी। कई खिलाड़ी मौके का इंतजार कर रहे हैं। युवा खिलाड़ी ओली पीक, वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के जेडन गुडविन, कैंपबेल केलावे और सैम कॉन्स्टास हैं। इन सभी खिलाड़ियों को भविष्य के संभावित विकल्पों के तौर पर देखा जाएगा। अगर मार्नस फेल होते हैं, तो मुझे नहीं पता कि वे किसे चुनेंगे। लेकिन ये सभी उभरते हुए युवा खिलाड़ी हैं।'
गिलेस्पी ने घरेलू स्तर पर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के सामने आ रही बड़ी मुश्किलों के बारे में बताया और सिर्फ व्यक्तिगत कमियों के बजाय हालात की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट के लिए कौन से खिलाड़ी तैयार हैं, यह तय करते समय चयनकर्ताओं को सिर्फ आंकड़ों से आगे बढ़कर देखना चाहिए। गिलेस्पी ने कहा, 'पिचें तेज गेंदबाजों के फायदे के हिसाब से तैयार की जाती हैं, और कूकाबुरा बॉल पर एक्स्ट्रा लैकर भी होता है। यहीं पर सेलेक्टर्स को सिर्फ आंकड़ों के बजाय उन खूबियों पर ध्यान देना चाहिए जो उन्हें लगता है कि टेस्ट लेवल पर कामयाब हो सकती हैं। यही सिलेक्शन की कला है। सिर्फ नंबर या पक्के आंकड़े देखना सिलेक्शन नहीं है, क्योंकि ऐसा तो कोई आंकड़ों वाला व्यक्ति भी कर सकता है। सिलेक्शन की कला उन खूबियों, गुणों और स्किल्स को पहचानना है जो आपको लगता है कि अगले लेवल पर कामयाब हो सकती हैं।'