चेन्नई : पूर्व कप्तान और सिलेक्शन कमिटी के पूर्व चेयरमैन कृष्णमाचारी श्रीकांत ने गुरुवार को कहा कि ईशान किशन में एक सफल टेस्ट बल्लेबाज बनने के लिए जरूरी सभी हुनर हैं, लेकिन दुर्भाग्य से भारतीय रेड-बॉल स्क्वाड में उनके लिए कोई जगह नहीं है। लगभग दो साल तक टीम से बाहर रहने वाले किशन ने वर्ल्ड कप से पहले T20I टीम में शानदार वापसी की और अब अफगानिस्तान के खिलाफ 50-ओवर क्रिकेट में अपनी वापसी सीरीज में शतक भी लगाया है। हालांकि श्रीकांत का मानना है कि किशन, जिन्होंने 2023 में कुछ टेस्ट मैच खेले थे, सफेद कपड़ों (टेस्ट क्रिकेट) में भी उतने ही अच्छे कीपर-बैटर हैं।
श्रीकांत ने कहा, 'मैं ईशान किशन का बहुत बड़ा फैन हूं। उन्होंने अचानक (भारतीय टीम में) वापसी की है और बहुत बढ़िया खेल रहे हैं। मुझे उनका खेल पसंद है। उनके स्ट्रोक खेलने का तरीका, टाइमिंग, पावर और आसानी से खेलने की क्षमता - सब कमाल का है। ईशान सभी फॉर्मेट के खिलाड़ी हैं। असल में वह टेस्ट क्रिकेट भी खेल सकते हैं। दुर्भाग्य से उनके लिए कोई जगह नहीं है।'
जब 2024 में किशन को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से हटाया गया था, तो वजह यह बताई गई थी कि उन्हें घरेलू क्रिकेट खेलने में कोई दिलचस्पी नहीं थी। हालांकि पटना के इस छोटे कद के खिलाड़ी ने फिर से मेहनत शुरू की, अपनी एकेडमी के मैदान पर प्रैक्टिस की और फिर बुची बाबू ट्रॉफी (रणजी प्री-सीज़न टूर्नामेंट) भी खेली। श्रीकांत ने कहा, 'BCCI ने उन्हें घरेलू क्रिकेट खेलने के लिए कहकर समझदारी भरा काम किया, जिससे उन्हें बहुत फ़ायदा हुआ। इसके बाद उन्होंने झारखंड को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जिताई।'
पूर्व चीफ़ सेलेक्टर का मानना है कि मौजूदा सिलेक्शन कमिटी घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले कुछ खिलाड़ियों को मौके देने के मामले में लगातार अच्छा काम नहीं कर पाई है। श्रीकांत ने कहा कि उन्हें यशस्वी जायसवाल के लिए बुरा लगता है, जिन्हें टॉप ऑर्डर में बहुत ज्यादा भीड़ होने के कारण सफेद-बॉल क्रिकेट में कभी-कभी ही मौके मिले हैं। उन्होंने कहा, 'उदाहरण के लिए यशस्वी जायसवाल एक असाधारण क्रिकेटर हैं। मुझे लगता है कि वह सभी फॉर्मेट में खेलने वाले क्रिकेटर हैं। लेकिन उन्हें सिर्फ टेस्ट क्रिकेट में ही मौका मिलता है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ पिछली सीरीज में भी, उन्होंने वनडे मैचों में से एक में शतक लगाया था। उन्होंने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे बड़े टेस्ट खेलने वाले देशों में शतक लगाए हैं। मुझे लगता है कि वह टी20 क्रिकेट में भी कमाल के हैं। मुझे लगता है कि यह उनकी बदकिस्मती है कि उन्हें खेल के छोटे फॉर्मेट के लिए नजरअंदाज़ कर दिया जाता है।'
दुर्भाग्य की बात यह है कि ओपनिंग के लिए सिर्फ़ दो ही जगहें हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय क्रिकेट टीम के पास खिलाड़ियों की भरमार है, जो एक तरह से अच्छी समस्या है। श्रीकांत ने कहा, 'खासकर ओपनिंग स्लॉट में यही समस्या है। यह एक तरह से 'मेरी-गो-राउंड' (गोल-गोल घूमने वाला झूला) जैसा है। कभी आप टीम में होते हैं, कभी नहीं होते, कभी कोई और आपकी जगह ले लेता है। वापसी करना मुश्किल हो जाता है। यह क्रिकेट का हिस्सा है। लेकिन मुझे लगता है कि जायसवाल सभी फॉर्मेट में खेलने वाले खिलाड़ी हैं।'