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स्पोर्ट्स डेस्क: राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच गुरुवार को खेले गए आईपीएल के मुकाबले में एक ऐसा वाकया देखने को मिला जो 12 साल में कभी नहीं हुआ। दुनियाभर में कैप्टन कूल के नाम से जाने जाने वाले सीएसके के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अपना आपा खो बैठे। ऐसे में आखिर अंपायरों ने क्यों नहीं दी नो-बॉल, इसका बड़ा कारण आया सामने आया है। 

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दरअसल, कांमेंटेटर ने जांच में पाया कि प्रारंभ में, सीधे अंपायर उल्हास गांधे ने अपना हाथ ऊपर उठा लिया था। वह संभवत: स्क्वायर लेग अंपायर ब्रूस ऑक्सेनफोर्ड की ओर ईशारा कर रहे थे। लेकिन इसका मतलब नो बॉल नहीं था। लेकिन मैदान से बाहर खड़े धोनी, ने अंपायर का एक हाथ ऊपर उठता देख विरोध शुरू कर दिया। वह इसे नो बॉल समझकर मैदान पर आ गए। इस दौरान राजस्थान के कुछ खिलाडिय़ों के साथ धोनी की गर्मागर्म बहस भी हुई थी।

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