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नई दिल्ली : भारतीय महिला हॉकी टीम अगले सप्ताह शुरू हो रहे अर्जेंटीना दौरे के साथ कोरोना महामारी के बीच करीब एक साल बाद मैदान पर लौटेगी और ओलंपिक की तैयारियां बहाल करेगी। भारतीय टीम के 25 खिलाड़ियों और सात सहयोगी स्टाफ का कोर समूह तीन जनवरी को दिल्ली से रवाना होगा। भारतीय टीम 17 जनवरी से मेजबान अर्जेंटीना के खिलाफ आठ मैच खेलेगी। 

भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल ने हॉकी इंडिया द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा, ‘तोक्यो ओलंपिक के लिए जुलाई 2021 में खेलगांव पहुंचने में अब 200 दिन के करीब समय रह गया है। अर्जेंटीना जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ खेलकर तैयारी करना जरूरी है।' उन्होंने कहा, ‘हमारी टीम इस मौके से काफी रोमांचित हैं। इससे हमें पता चलेगा कि बेंगलुरू में पांच महीने के राष्ट्रीय शिविर के बाद हम किस स्थिति में हैं।' 

भारतीय महिला टीम ने आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच इस साल जनवरी में न्यूजीलैंउ में खेला था। भारत ने न्यूजीलैंड और ब्रिटेन के खिलाफ पांच मैचों की श्रृंखला में तीन मैच जीते थे। भारत के कोच शोर्ड मारिन ने कहा, ‘मैं खुश हूं कि एक साल बाद हम अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने जा रहे हैं। इससे हमें पता चल जाएगा कि तोक्यो ओलंपिक की तैयारियों के लिये अगला कदम क्या होगा।' हॉकी इंडिया और मेजबान हॉकी संघ ने दोनों टीमों के लिये बायो बबल तैयार किया है। 

भारतीय महिला टीम ऐसे होटल में रहेगी जहां हर बार भोजन, टीम बैठकों और सत्रों के लिये अलग अलग कमरे या हॉल रहेंगे। एक कमरे में दो लोग रहेंगे और पूरे दौरे पर वे ही दोनों लोग कमरा साझा करेंगे। टीम कोच और बसों में भी बैठने की व्यवस्था काफी सोच समझकर सावधानी से की गई है। टीम के खिलाड़ी बायो बबल से बाहर नहीं निकलेंगे और किसी तीसरे पक्ष से नहीं मिलेंगे। पूरी भारतीय टीम का रवानगी से 72 घंटे पहले कोरोना आरटी पीसीआर टेस्ट होगा। अर्जेंटीना में पृथकवास में रहने की जरूरत नहीं है लेकिन टीम सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी भारत और अर्जेंटीना सरकार के सारे प्रोटोकॉल का पालन करेगी। 

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