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नई दिल्ली: भारत का प्रतिष्ठित बैडमिंटन टूर्नामेंट इंडिया ओपन वर्ष 2028 में नई दिल्ली के बजाय गुवाहाटी में आयोजित किया जाएगा। बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) ने यह फैसला गणतंत्र दिवस के दौरान राजधानी में होने वाले कड़े सुरक्षा इंतजामों और टूर्नामेंट की तारीखों के टकराव को देखते हुए लिया है। हालांकि, इंडिया ओपन 2027 में दिल्ली में ही खेला जाएगा और 2029 में भी टूर्नामेंट की राष्ट्रीय राजधानी में वापसी होगी।

'गणतंत्र दिवस के सुरक्षा इंतजामों के कारण लिया फैसला'

BAI के महासचिव संजय मिश्रा ने रविवार को बताया कि इंडिया ओपन 2028 जनवरी के आखिरी सप्ताह में आयोजित होगा। इसी दौरान नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड और उससे जुड़े व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए जाते हैं। ऐसे में केवल 2028 के लिए टूर्नामेंट को गुवाहाटी में कराने का फैसला लिया गया है।

मिश्रा ने कहा, 'इंडिया ओपन 2028 जनवरी के आखिरी सप्ताह में खेला जाएगा और इसकी तारीखें राष्ट्रीय राजधानी में गणतंत्र दिवस के सुरक्षा इंतजामों से टकरा रही हैं। हमने महसूस किया कि केवल उस वर्ष के लिए टूर्नामेंट को गुवाहाटी शिफ्ट कर देना चाहिए। यह 2029 में नई दिल्ली लौट आएगा।'

2027 और 2029 में दिल्ली में होगा इंडिया ओपन

BAI ने साफ किया है कि यह बदलाव स्थायी नहीं है। वर्ष 2027 का इंडिया ओपन नई दिल्ली में ही आयोजित होगा, जबकि गुवाहाटी में होने वाले 2028 संस्करण के बाद टूर्नामेंट 2029 में फिर से दिल्ली लौट आएगा।

इंडिया ओपन भारत के सबसे प्रतिष्ठित बैडमिंटन टूर्नामेंटों में शामिल है और BWF वर्ल्ड सीरीज का प्रमुख आयोजन है। 2028 में गुवाहाटी को इसकी मेजबानी मिलने से पूर्वोत्तर भारत में बैडमिंटन को भी बड़ा मंच मिलने की उम्मीद है।

विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी पर BAI को मिली सराहना

संजय मिश्रा ने 2026 बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप के सफल आयोजन पर भी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में हुए इस टूर्नामेंट के आयोजन और व्यवस्थाओं की खिलाड़ियों, अधिकारियों और बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) के सदस्यों ने जमकर सराहना की। मिश्रा ने कहा, 'हां, हमने कर दिखाया। सभी खिलाड़ी खुश हैं।'

यह सराहना इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि पिछले दो सत्रों के इंडिया ओपन के दौरान नई दिल्ली के आयोजन स्थल की खेल परिस्थितियों को लेकर BAI को आलोचना का सामना करना पड़ा था।

'मिया ब्लिचफेल्ट का उदाहरण सबसे बड़ा'

BAI महासचिव ने डेनमार्क की बैडमिंटन खिलाड़ी मिया ब्लिचफेल्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि इस बार खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिला। ब्लिचफेल्ट ने इस साल की शुरुआत में 9.5 लाख डॉलर इनामी राशि वाले इंडिया ओपन की खेल परिस्थितियों की आलोचना की थी। इससे पहले भी वह आयोजन स्थल की स्थिति पर सवाल उठा चुकी थीं।

मिश्रा ने कहा, 'सबसे बड़ा उदाहरण मिया ब्लिचफेल्ट का है, जो पिछली बार नकारात्मक थीं। इस बार वह हमारे प्रयासों की सराहना करते हुए सबसे पहले पोस्ट करने वालों में शामिल रहीं। सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि अधिकारी और BWF के सदस्य भी, सभी ने हमारी सराहना की।' BAI के मुताबिक, विश्व चैंपियनशिप का आयोजन बिना किसी बड़ी परेशानी के संपन्न हुआ और इससे भारत की मेजबानी क्षमता को लेकर सकारात्मक संदेश गया है।

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