Sports

नई दिल्लीः भारत रोमांच की पराकाष्ठा तक पहुंचे फाइनल में आखिरी गेंद पर बांग्लादेश को तीन विकेट से पराजित कर सातवीं बार एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट का बादशाह बन गया। भारत की अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में यह कुल 700वीं जीत रही। भारत ने बांग्लादेश को उसके ओपनर लिटन दास (121) के शानदार शतक के बावजूद 48.3 ओवर में 222 रन पर रोक दिया था और फिर मध्य ओवरों में रोमांचक उतार-चढ़ाव से गुजरते हुए 50 ओवर में सात विकेट के नुकसान पर 223 रन बनाकर खिताब अपने नाम कर लिया।  

PunjabKesari

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किया बड़ा कारनामा
भारत ने इस टूर्नामेंट को सात बार - 1984, 1988, 1990-91, 1995, 2010 और 2018 में 50 ओवर के प्रारूप में और 2016 में ट्वंटी-20 प्रारूप में जीता है। भारत ने 2016 के एशिया कप में भी बांग्लादेश को फाइनल में आठ विकेट से हराया था। भारत ने आठ साल के बाद 50 ओवर के प्रारूप में एशिया कप जीता। भारत ने 1932 से 2018 तक के अपने अंतर्राष्ट्रीय सफर में तीनों प्रारूप में 1579 मैच खेले, 700 जीते, 611 हारे, 10 टाई रहे, 216 ड्रा खेले और 42 में कोई परिणाम नहीं निकला।  

PunjabKesari

बांग्लादेश का यह तीसरा फाइनल था और उसका यह खिताब जीतने का सपना फिर अधूरा रह गया। उसे 2012 में पाकिस्तान के हाथों 50 ओवर के फाइनल में मात्र दो रन से हार का सामना करना पड़ा था। भारतीय टीम को इस जीत से एक लाख डॉलर की पुरस्कार राशि मिली जबकि उपविजेता बंगलादेश को 50 हजार डॉलर मिले। भारतीय ओपनर शिखर धवन मैन ऑफ द टूर्नामेंट बने। शिखर को 15 हजार डॉलर मिले। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी ने विजेता टीम को ट्रॉफी प्रदान की। 

.
.
.
.
.