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स्पोर्ट्स डेस्क: भारत ए और अफगानिस्तान ए के बीच श्रीलंका में खेले गए त्रिकोणीय सीरीज के करो या मरो मुकाबले में युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। 15 वर्षीय बल्लेबाज ने 28 गेंदों में 38 रन बनाए, लेकिन एक बार फिर शॉर्ट बॉल पर विकेट गंवा बैठे।

दो बार मिला जीवनदान

वैभव की पारी की शुरुआत काफी धीमी रही। दूसरे ओवर में जब वह बिना खाता खोले खेल रहे थे, तब पॉइंट पर उनका कैच लपका गया था। हालांकि थर्ड अंपायर ने रिप्ले देखने के बाद गेंद के जमीन छूने की वजह से उन्हें नॉट आउट करार दिया।

इसके बाद अगले ओवर में भी स्क्वायर लेग पर उनका आसान कैच छोड़ दिया गया। अफगानिस्तान के खिलाड़ियों की इन दो गलतियों का वैभव ने कुछ हद तक फायदा उठाया और धीरे-धीरे लय में आए।

शॉर्ट बॉल पर फिर गंवाया विकेट

धीमी शुरुआत के बाद सूर्यवंशी ने अब्दुल्ला अहमदजई के ओवर में एक चौका और दो शानदार छक्के लगाकर रन गति बढ़ाई। इसके बाद उन्होंने फरीदून दाऊदजई के खिलाफ भी चौका और छक्का लगाया।

हालांकि आठवें ओवर की आखिरी गेंद पर दाऊदजई ने फिर शॉर्ट बॉल फेंकी। वैभव पुल शॉट खेलने के प्रयास में गेंद को सही तरीके से टाइम नहीं कर पाए और कवर प्वाइंट पर आसान कैच थमा बैठे। उनकी 28 गेंदों की पारी में चार चौके और दो छक्के शामिल रहे।

प्रियांश आर्य के साथ की शानदार साझेदारी

वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्य ने पहले विकेट के लिए 75 रन की बेहतरीन साझेदारी की, जिससे भारत ए को मजबूत शुरुआत मिली। हालांकि सूर्यवंशी के आउट होने के बाद एक बार फिर उनका भारत ए के लिए पहला अर्धशतक लगाने का सपना अधूरा रह गया।

अब आगे क्या?

वैभव सूर्यवंशी ने त्रिकोणीय सीरीज की चार पारियों में अब तक 117 रन बनाए हैं। यदि भारत ए अफगानिस्तान ए को हराकर फाइनल में पहुंचता है तो उन्हें 21 जून को एक और मौका मिलेगा। अन्यथा उनका अगला मुकाबला आयरलैंड दौरे पर देखने को मिल सकता है, जहां उन्हें हाल ही में भारत की टी20 टीम में भी जगह मिली है।