स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या घरेलू क्रिकेट में शानदार फॉर्म में नज़र आ रहे हैं और विजय हजारे ट्रॉफी में उनका बल्ला लगातार आग उगल रहा है। राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में पांड्या ने चंडीगढ़ के खिलाफ बड़ौदा के लिए एक और विस्फोटक पारी खेली। मुश्किल हालात में क्रीज पर उतरकर उन्होंने कुछ ही ओवरों में मैच का रुख पलट दिया। उनकी यह पारी न सिर्फ स्कोरबोर्ड पर असरदार रही, बल्कि उनके बढ़ते आत्मविश्वास का भी सबूत बनी।
नंबर 6 पर उतरते ही बदला मैच का मूड
एलीट ग्रुप बी के इस अहम मुकाबले में बड़ौदा की शुरुआत बेहद खराब रही थी। टीम ने सिर्फ 11 रन पर दो विकेट गंवा दिए थे और दबाव साफ दिख रहा था। ऐसे समय में हार्दिक पांड्या नंबर 6 पर बल्लेबाजी करने आए। उन्होंने आते ही गेंदबाजों पर हमला बोल दिया और बिना किसी झिझक के बड़े शॉट खेलने शुरू कर दिए। पांड्या ने मात्र 31 गेंदों में 75 रन बनाकर यह दिखा दिया कि वह घरेलू स्तर पर भी मैच जिताने की क्षमता रखते हैं।
19 गेंदों में अर्धशतक, 9 छक्कों से दहशत
हार्दिक पांड्या ने अपनी पारी में पावर-हिटिंग का शानदार नमूना पेश किया। उन्होंने सिर्फ 19 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और कुल नौ छक्के तथा दो चौके जड़े। उनका स्ट्राइक रेट 240 से ऊपर रहा, जिसने चंडीगढ़ के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। यह पारी ऐसे समय आई जब बड़ौदा को तेजी से रन बनाने की सख्त जरूरत थी।
प्रियांशु मोलिया के साथ अहम साझेदारी
पांड्या को दूसरे छोर से प्रियांशु मोलिया का बेहतरीन साथ मिला। दोनों ने मिलकर पांचवें विकेट के लिए सिर्फ 51 गेंदों में 90 रन जोड़ दिए। इस साझेदारी ने बड़ौदा की पारी को न सिर्फ स्थिरता दी, बल्कि उसे आक्रामक दिशा भी दी। मोलिया ने संयम दिखाया, जबकि पांड्या ने लगातार बड़े शॉट लगाकर रन गति को तेज बनाए रखा।
जितेश शर्मा का फिनिशिंग टच
हार्दिक पांड्या के आउट होने के बाद विकेटकीपर-बल्लेबाज जितेश शर्मा ने पारी को शानदार अंजाम तक पहुंचाया। उन्होंने 33 गेंदों में 73 रन बनाए, जिसमें आठ चौके और चार छक्के शामिल थे। मोलिया और जितेश ने छठे विकेट के लिए तेज़ साझेदारी करते हुए 57 गेंदों में 106 रन जोड़े, जिससे बड़ौदा का स्कोर 350 के पार पहुंच गया।
विदर्भ के खिलाफ शतक से पहले ही दे चुके हैं संकेत
यह प्रदर्शन कोई अपवाद नहीं था। कुछ दिन पहले ही पांड्या ने विदर्भ के खिलाफ 68 गेंदों में शतक जड़ा था, जिसमें उन्होंने 133 रन बनाए थे। उस पारी में भी उनके बल्ले से छक्कों और चौकों की बरसात हुई थी। भले ही वह मैच बड़ौदा हार गया हो, लेकिन पांड्या की फॉर्म ने सबका ध्यान खींचा था।
घरेलू क्रिकेट में मजबूत दावा
न्यूज़ीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज़ से आराम मिलने के बाद हार्दिक पांड्या घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बना रहे हैं। पिछली पांच पारियों में चार बार पचास से अधिक रन बनाना और लगातार आक्रामक बल्लेबाजी करना यह दिखाता है कि वह केवल अनुभव के नहीं, बल्कि प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में अपनी जगह के दावेदार बने हुए हैं। विजय हजारे ट्रॉफी में उनका यह जलवा चयनकर्ताओं के लिए एक मजबूत संदेश है।