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कोलकाता : राजस्थान रॉयल्स के सलामी बल्लेबाज जोस बटलर को यह स्वीकार करने में कोई हर्ज नहीं है कि गुजरात टाइटंस के खिलाफ पहले क्वालीफायर में उन्हें दिक्कत पेश आई लेकिन उन्होंने कहा कि कई बार अपने अहम को भुलाकर हड़बड़ाये बिना डटे रहना होता है। इस सत्र के आरेंज कैपधारी बटलर के 15 मैचों में 718 रन हैं। पहले क्वालीफायर में शुरू में उन्हें दिक्कतें हुई और 39 रन बनाने के लिए उन्होंने 38 गेंदें खेली। इसके बाद अगले 50 रन 18 गेंद में बनाकर रॉयल्स को छह विकेट पर 188 रन तक ले गए। 

सात विकेट से मैच हारने के बाद बटलर ने कहा, ‘मैं टिके रहना चाहता था। हमारे लिए यह बड़ा मैच था और मैं बड़ा स्कोर चाहता था। कई बार आपको अपना अहंकार भूलना पड़ता है। अगर दिक्कत आ रही है तो फिर आ रही है। मैं बहुत घबराता या परेशान नहीं होता।’ उन्होंने कहा, ‘विरोधी टीम चाहती है कि मैं घबराऊं और आउट हो जाऊं। मुझे खुद पर भरोसा था और मुझे पता था कि मैं लय हासिल कर लूंगा। इस पारी में थोड़ी देर से मिली।’ 

रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन की 26 गेंद में 47 रन की पारी से बटलर पर से दबाव हटा। उन्होंने कहा, ‘शुरूआत में परेशानी आई लेकिन फिर संजू ने आकर यह पारी खेली। इससे मुझ पर से दबाव हट दिया। मैं टिककर खेलता रहा और आखिर में तेजी से रन बनाए।’  अब रॉयल्स को दूसरे क्वालीफायर में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर या लखनऊ सुपर जाइंट्स से खेलना होगा। बटलर ने कहा, ‘हम अभी भी टूर्नामेंट में बने हुए हैं और एक मौका अभी भी हमारे पास है। हम आज निराश है लेकिन अगले मैच में अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’ 

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