Sports

मुंबई : पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने बुधवार को बीसीसीआई के 39वें अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाल लिया। वह दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड का प्रमुख बनने वाला सबसे बड़ा नाम हैं। गांगुली (47) को यहां बीसीसीआई की आम सभा की अगली बैठक तक अगले 9 महीने के लिए आधिकारिक रूप से भारतीय क्रिकेट के प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके साथ ही उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति का 33 महीने का कार्यकाल भी खत्म हो गया।

PunjabKesari

बीसीसीआई ने अपने ट्विटर पेज पर लिखा, ‘यह आधिकारिक है- सौरव गांगुली को औपचारिक रूप से बीसीसीआई का अध्यक्ष चुना गया।' गांगुली की नियुक्ति को पिछले हफ्ते अंतिम रूप दिया गया। उत्तराखंड के माहिम वर्मा नए उपाध्यक्ष बने। सीओए की नियुक्ति से पहले बोर्ड से जुड़े कुछ नाम एक बार फिर साथ काम करते नजर आएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह को सचिव बनाया गया है। अपने कार्यकाल के दौरान गांगुली पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन और पूर्व सचिव निरंजन शाह जैसे पूर्व पदाधिकारियों के साथ समन्वय का प्रयास करेंगे जिनके बच्चे अब बीसीसीआई का हिस्सा हैं। 

PunjabKesari

बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली को भले ही किसी परिचय की जरूरत नहीं है लेकिन बाकी चार पदाधिकारियों का परिचय देना लाजमी है। क्रिकेट प्रशासन में उनके सफर की बानगी इस प्रकार है। 

पदाधिकारियों का परिचय

  • जय शाह, सचिव: इकतीस बरस के जय बीसीसीआई के सबसे युवा पदाधिकारी हैं। गृहमंत्री अमित शाह के बेटे जय 2009 से गुजरात क्रिकेट संघ से जुड़े हैं। वह सितंबर 2013 में जीसीए के संयुक्त सचिव बने थे। 

 

  • अरूण सिंह धूमल, कोषाध्यक्ष: राजनीतिक परिवार से आये अरूण फिलहाल वित्त राज्यमंत्री हैं। ठाकुर को जनवरी 2017 में बीसीसीआई अध्यक्ष पद से हटाया गया था। धूमल 2012 से 2015 के बीच हिमाचल क्रिकेट संघ के उपाध्यक्ष रहे जब ठाकुर इसके अध्यक्ष थे। वह बीसीसीआई में एचपीसीए के प्रतिनिधि रहे। 

 

  • जयेश जार्ज, संयुक्त सचिव: पचास बरस के जार्ज को क्रिकेट प्रशासन का बरसों का अनुभव है जो केरल क्रिकेट संघ के सचिव, संयुक्त सचिव, कोषाध्यक्ष और अध्यक्ष रहे। वह 2005 से केसीए से जुड़े रहे हैं। 

 

  • महीम वर्मा, उपाध्यक्ष: उनके पिता पी सी वर्मा उत्तराखंड क्रिकेट संघ के सचिव रहे। महीम सीएयू के संयुक्त सचिव रहे हैं। सितंबर में उन्हें सचिव चुना गया जब संघ को बीसीसीआई से मान्यता मिली। 

PunjabKesari

भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे कलात्मक, बायें हाथ के बल्लेबाजों में से एक गांगुली से उम्मीद की जा रही है कि वह बंगाल क्रिकेट संघ के सचिव और फिर अध्यक्ष के अपने पद से मिले अनुभव का पूरा फायदा उठाएंगे। उन्होंने कुछ लक्ष्य निर्धारित किए हैं जिसमें से एक प्रथम श्रेणी क्रिकेट के ढांचे का पुनर्गठन, प्रशासन को सही ढर्रे पर लाना और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद में भारत को उसकी मजबूत स्थिति फिर लौटाना है।इसके अलावा अनुभवी विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के अंतरराष्ट्रीय भविष्य, दिन-रात्रि टेस्ट और स्थायी टेस्ट केंद्रों पर उनका नजरिया भी अहम होगा। गांगुली का कार्यकाल उस समय शुरू हो रहा है जब आईसीसी ने भारत को अपने नवगठित कार्यकारी समूह से बाहर कर दिया है जिससे वैश्विक संस्था के राजस्व में देश का हिस्सा प्रभावित हो सकता है। इस समूह का गठन वैश्विक संस्था का नया संचालन ढांचा तैयार करने के लिए किया गया है। 

 

 

.
.
.
.
.