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फ्लोरिडा : फीफा विश्व कप 2026 से पहले इंग्लैंड की टीम ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। कप्तान हैरी केन और मुख्य कोच थॉमस टुचेल ने कहा है कि टीम का एकमात्र लक्ष्य विश्व चैंपियन बनना और जर्सी पर दूसरा सितारा जोड़ना है।

थॉमस टुचेल की अगुआई वाली इंग्लैंड टीम विश्व कप की तैयारियों के लिए फ्लोरिडा पहुंच चुकी है। इंग्लैंड को ग्रुप एल में क्रोएशिया, घाना और पनामा के साथ रखा गया है। टीम अपने अभियान की शुरुआत 17 जून को आर्लिंगटन में क्रोएशिया के खिलाफ मुकाबले से करेगी।

विश्व कप से पहले टीम फ्लोरिडा में मौसम और परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने की तैयारी कर रही है। हालांकि, बुकायो साका, डेक्लान राइस, नोनी मडुके और एबेरेची एज़े को यूईएफए चैंपियंस लीग फाइनल के बाद अतिरिक्त आराम दिया गया है। वहीं, मार्कस रैशफोर्ड पहले ही मियामी में टीम से जुड़ चुके हैं और गर्म मौसम में विशेष ट्रेनिंग कर रहे हैं।

इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में टीम के भीतर एकता लगातार मजबूत हुई है, लेकिन अब समय खिताब जीतने का है। केन ने कहा, 'गैरेथ साउथगेट के शुरुआती दौर में हमने टीम को एकजुट बनाने और क्लब क्रिकेट को पीछे छोड़कर राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने पर काफी काम किया था। हर साल यह भावना और मजबूत होती गई। लेकिन अब उम्मीद सिर्फ एक है—फिनिश लाइन पार करना और ट्रॉफी जीतना।'

इंग्लैंड टीम की आधिकारिक डॉक्यूमेंट्री 'बिल्डिंग द ड्रीम' में भी दिखाया गया कि टुचेल ने खिलाड़ियों के साथ अपनी पहली बैठक में ही विश्व कप जीतने के लक्ष्य पर खुलकर चर्चा की थी।

टुचेल ने खिलाड़ियों से कहा, 'हम यहां क्यों हैं, इसका जवाब बिल्कुल साफ है। हम विश्व चैंपियन बनना चाहते हैं। हम अपनी जर्सी पर दूसरा सितारा जोड़ना चाहते हैं। मेरे लिए यह जरूरी है कि हम इस लक्ष्य के बारे में खुलकर बात करें। हमारा मिशन और लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है।'

टुचेल का मानना है कि सिर्फ प्रतिभा के दम पर विश्व कप नहीं जीता जा सकता। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में टीम की एकजुटता और आपसी विश्वास सबसे बड़ा अंतर पैदा करता है। उन्होंने कहा, 'सिर्फ टैलेंट काफी नहीं है। यह केवल फुटबॉल, रणनीति या सेट-पीस की बात नहीं है। अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में टीम का माहौल और खिलाड़ियों के बीच का रिश्ता बेहद महत्वपूर्ण होता है।'

टुचेल ने एक विश्व कप विजेता खिलाड़ी का उदाहरण देते हुए कहा कि क्वार्टर फाइनल और फाइनल के बीच फर्क सिर्फ खेल का नहीं, बल्कि टीम के भीतर बने भाईचारे का होता है। उन्होंने कहा, 'जब खिलाड़ी एक परिवार और भाईचारे की तरह जुड़ जाते हैं, तब वे एक-दूसरे के लिए सब कुछ देने को तैयार रहते हैं। यही भावना किसी टीम को चैंपियन बनाती है।' इंग्लैंड ने अब तक सिर्फ एक बार विश्व कप का खिताब जीता है। ऐसे में टुचेल और केन की नजरें इतिहास रचते हुए देश को दूसरा विश्व कप दिलाने पर टिकी हैं।