साइप्रस ( निकलेश जैन) फीडे महिला कैंडिडेट टूर्नामेंट में भारत की आर वैशाली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब की दौड़ में खुद को सबसे आगे स्थापित कर दिया है। नौ राउंड के बाद वैशाली 5.5 अंकों के साथ संयुक्त बढ़त पर हैं और उनका आत्मविश्वास चरम पर नजर आ रहा है। लगातार बेहतर प्रदर्शन के चलते वह अब टूर्नामेंट की सबसे बड़ी दावेदारों में गिनी जा रही हैं।
इस राउंड में वैशाली ने हमवतन दिव्या देशमुख को हराकर अहम जीत दर्ज की। मिडिलगेम में दिव्या की एक गलती के बाद वैशाली ने सटीक और आक्रामक खेल दिखाया और मुकाबले को शानदार तरीके से अपने पक्ष में किया। पिछले चार मैचों में 3.5 अंक बनाकर वैशाली ने अपनी शानदार फॉर्म का परिचय दिया है।
चीन की झू जिनेर ने भी कटरीना लाग्नो को हराकर 5.5 अंकों के साथ वैशाली की बराबरी कर ली है, जिससे खिताब की दौड़ और दिलचस्प हो गई है। वहीं अन्ना मुजिचुक बेहतर स्थिति के बावजूद जीत दर्ज नहीं कर सकीं और ड्रॉ के चलते वह शीर्ष स्थान से पीछे हो गई हैं।
पुरुष कैंडिडेट में उज़्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव अब भी 1.5 अंकों की बढ़त के साथ पहले स्थान पर बने हुए हैं, हालांकि इस राउंड में वह जीत का सुनहरा मौका चूक गए। मैथियास ब्लूबाउम के खिलाफ बेहतर स्थिति के बावजूद उन्होंने गलत फैसला लिया और मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ।
नीदरलैंड के अनीश गिरी ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और अमेरिका के फाबियानो करूआना को काले मोहरों से हराकर अंतर को कम कर दिया। समय के दबाव में करूआना की एक बड़ी गलती के बाद गिरी ने सटीक टैक्टिक्स के साथ शानदार जीत दर्ज की।
भारतीय नजरिए से देखा जाए तो आर प्रज्ञानंदा के लिए यह राउंड थोड़ा निराशाजनक रहा, क्योंकि उन्होंने चीन के वेई यी के खिलाफ जीत की स्थिति बना ली थी, लेकिन अंत में उसे जीत में बदल नहीं सके और मुकाबला ड्रॉ रहा। अब टूर्नामेंट के अंतिम राउंड में भारतीय खिलाड़ियों पर अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव बढ़ गया है।