बातूमी, जॉर्जिया (निकलेश जैन)। भारत के नन्हें शतरंज खिलाड़ियों ने फीडे कैडेट विश्व कप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को एक स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य सहित कुल चार पदक दिलाए। सबसे बड़ी उपलब्धि दिवि बिजेश ने हासिल की, जिन्होंने अंडर-12 बालिका वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर लगातार दूसरे वर्ष फीडे कैडेट विश्व कप की चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया। इसके अलावा सर्बार्थो मणि ने अंडर-10 ओपन में रजत, सत्विक स्वैन ने उसी वर्ग में कांस्य और सायास्था सिंह ने अंडर-8 बालिका वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया।
अंडर-12 बालिका वर्ग में दिवि बिजेश ने 11 राउंड में 9 अंक बनाकर स्वर्ण पदक जीता। तीसरे राउंड में हार के बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए लगातार पांच मुकाबले जीते और अंतिम तीन राउंड में दो अंक जुटाकर आधे अंक की बढ़त से खिताब अपने नाम किया। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष उन्होंने अंडर-10 बालिका वर्ग का स्वर्ण पदक जीता था, जबकि इस बार आयु वर्ग बदलने के बावजूद वह चैंपियन बनने में सफल रहीं।
अंडर-10 ओपन वर्ग में भारत का दबदबा देखने को मिला। सर्बार्थो मणि और सत्विक स्वैन दोनों ने 11 राउंड में 8.5-8.5 अंक बनाए। टाईब्रेक के आधार पर सर्बार्थो को रजत और सत्विक को कांस्य पदक मिला, जबकि कजाखस्तान के उलान रिजात 9 अंकों के साथ चैंपियन बने। सर्बार्थो के लिए यह भी लगातार दूसरा पदक रहा। पिछले वर्ष उन्होंने इसी वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था।
अंडर-8 बालिका वर्ग में सायास्था सिंह ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 8.5 अंक बनाकर कांस्य पदक जीता। पूरे टूर्नामेंट में उन्हें केवल एक हार का सामना करना पड़ा, जो बाद में चैंपियन बनी चीन की सुन युंजिन के खिलाफ रही। चीन की सुन युंजिन ने स्वर्ण और उनकी हमवतन ये शिन्हे ने रजत पदक जीता।