स्पोर्ट्स डेस्क : सोशल मीडिया पर इन दिनों एक तस्वीर ने जबरदस्त हलचल मचा रखी है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज क्रिकेटर एलिस पेरी ने पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज़ बाबर आज़म को सबके सामने प्रपोज़ किया। तस्वीर देखते ही देखते वायरल हो गई और खासकर पाकिस्तानी फैंस के बीच इसे लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। लेकिन इंटरनेट पर वायरल हर चीज़ सच नहीं होती। सवाल यही है क्या यह तस्वीर असली है या फिर एक और डिजिटल भ्रम?
वायरल फोटो में क्या दिखाया गया?
तेज़ी से फैल रही तस्वीर में एलिस पेरी को घुटनों के बल बैठा दिखाया गया है, उनके हाथ में अंगूठी है और सामने खड़े बाबर आज़म मुस्कुराते हुए उन्हें देख रहे हैं। बैकग्राउंड में लाइव दर्शकों की भीड़ दिखाई देती है, जिससे यह आभास होता है कि यह कोई सार्वजनिक इवेंट है। इस तस्वीर को पोस्ट किए जाने के कुछ ही घंटों में लाखों व्यूज और शेयर मिल गए, और फैंस दोनों खिलाड़ियों के बीच कथित रिश्ते को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाने लगे।
फैंस क्यों हो गए थे इतने उत्साहित?
एलिस पेरी और बाबर आजम दोनों ही अपने-अपने देश के सबसे लोकप्रिय और सम्मानित क्रिकेटर्स हैं। दोनों की फैन फॉलोइंग दुनिया भर में फैली हुई है। ऐसे में जब एक तस्वीर सामने आई, जिसमें दो इंटरनेशनल स्टार्स को रोमांटिक अंदाज़ में दिखाया गया, तो यह स्वाभाविक था कि सोशल मीडिया पर भावनाओं का सैलाब आ जाए, खासकर उन फैंस के लिए जो क्रिकेट से इतर इन खिलाड़ियों की निजी ज़िंदगी में भी दिलचस्पी रखते हैं।
सच्चाई क्या है?
थोड़ी गहराई से जांच करने पर इस वायरल दावे की हवा निकल गई। दरअसल, यह तस्वीर पूरी तरह से AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) द्वारा बनाई गई है। सबसे अहम बात यह है कि जब यह तस्वीर वायरल हुई, उस समय एलिस पेरी ऑस्ट्रेलिया में भी मौजूद नहीं थीं। वह न्यूजीलैंड में सुपर स्मैश टूर्नामेंट खेल रही थीं। ऐसे में बाबर आज़म के साथ किसी लाइव इवेंट में उनका होना संभव ही नहीं था।
AI तस्वीर होने के साफ संकेत
अगर तस्वीर को ध्यान से देखा जाए, तो कई तकनीकी खामियां नजर आती हैं:
चेहरों पर अजीब और असमान रोशनी
दर्शकों की भीड़ का अस्वाभाविक और बेमेल होना
एलिस पेरी के चेहरे का पिक्सेलेटेड और धुंधला दिखना
हाथ, अंगूठी और बॉडी पोज़िशन में प्राकृतिक संतुलन की कमी
ये सभी संकेत बताते हैं कि यह एक डिजिटल रूप से तैयार की गई तस्वीर है, जिसे जानबूझकर वायरल होने के मकसद से बनाया गया।
सोशल मीडिया और फेक कंटेंट का खतरा
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि AI तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ फेक इमेज और भ्रामक कंटेंट कितनी तेजी से फैल सकता है। मशहूर हस्तियों से जुड़ी ऐसी तस्वीरें मिनटों में वायरल हो जाती हैं और सच-झूठ की पहचान करना मुश्किल हो जाता है।