बैंकॉक : भारत की युवा शटलर देविका सिहाग ने रविवार को यहां 250,000 डॉलर इनामी थाईलैंड मास्टर्स बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला एकल के फाइनल में मलेशिया की गोह जिन वेई के मैच के बीच से हट जाने के बाद अपना पहला बीडब्ल्यूएफ सुपर 300 खिताब जीता। हरियाणा की रहने वाली 20 वर्षीय खिलाड़ी देविका तब 21-8, 6-3 से आगे चल रही थी, जब विश्व में 68वें नंबर की खिलाड़ी और दो बार की विश्व जूनियर चैंपियन गोह ने हैमस्ट्रिंग में खिंचाव के कारण मुकाबले से हटने का फैसला किया। इससे भारतीय खिलाड़ी अपने करियर का सबसे बड़ा खिताब जीतने में सफल रही।
विश्व रैंकिंग में 63वें स्थान पर काबिज देविका बेंगलुरु के पादुकोण-द्रविड़ सेंटर फॉर स्पोर्ट्स एक्सीलेंस में कोच उमेंद्र राणा के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही हैं। इसके साथ ही वह इंडोनेशिया के रहने वाले कोच इरवानस्याह आदि प्रतामा की देखरेख में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू के साथ अपने खेल को निखार रही हैं। देविका के लिए फाइनल शानदार रहा लेकिन उनकी प्रतिद्वंदी गोह को पीड़ा झेलनी पड़ी। वह फाइनल से पहले तीन गेम तक चले चार मैच खेलने के बाद थकी हुई लग रही थीं और उन्हें कोर्ट को कवर करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा था।
पिछले दो वर्षों से फॉर्म और फिटनेस के लिए संघर्ष कर रही गोह ने शनिवार को भी थकान की शिकायत की थी और उन्हें कोर्ट में चलने-फिरने में परेशानी हो रही थी। उनका बायां पैर हिल नहीं पा रहा था और वह लगातार परेशान दिख रही थीं। देविका ने फाइनल में शानदार शुरुआत की। उन्होंने अपने दमदार रिटर्न और बेहतरीन स्ट्रोक के दम पर 4-0 की बढ़त बना ली। एक नेट कॉर्ड की बदौलत गोह ने अपना पहला अंक हासिल किया। भारतीय खिलाड़ी क्रॉस कोर्ट और सीधे स्मैश लगाने की अपनी क्षमता और साथ ही बड़ी कुशलता से ड्रॉप शॉट लगाने से जल्द ही 9-2 से आगे हो गईं।
इंटरवल तक उन्होंने 11-4 की बढ़त हासिल कर ली। गोह का बॉडी स्मैश पहला निर्णायक शॉट था, लेकिन देविका ने उन्हें कोर्ट पर खूब दौड़ाया। मलेशियाई खिलाड़ी भारतीय खिलाड़ी के खेल को समझ ही नहीं पा रही थी। मलेशियाई खिलाड़ी थकी हुई लग रही थी और ऐसा लग रहा था कि उनमें ऊर्जा नहीं बची है। देविका ने शानदार क्रॉस के दम पर 13 गेम प्वाइंट हासिल किए और बैकहैंड क्रॉस से पहला गेम अपने नाम किया।
दूसरे गेम में देविका ने जल्द ही 6-3 की बढ़त बना ली। मलेशिया की खिलाड़ी असहज दिख रही थी और उन्होंने आखिर में मैच से हटने का फैसला कर दिया। देविका ने पिछले कुछ समय से शानदार खेल का प्रदर्शन किया है। उन्होंने अगस्त 2025 में मलेशिया इंटरनेशनल में अपना पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय खिताब जीता था। इसके बाद उन्होंने 2025 में विश्व विश्वविद्यालय खेलों में भारत की मिश्रित टीम को कांस्य पदक दिलाने में अहम योगदान दिया।
वह पिछले सत्र में इंडोनेशिया मास्टर्स सुपर 100 में उपविजेता रही थी जबकि 2024 में चार टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची थी। इनमें स्वीडिश ओपन और पुर्तगाल इंटरनेशनल भी शामिल हैं, जहां वह विजेता रही थी। उन्होंने एस्टोनियन इंटरनेशनल और डच इंटरनेशनल में दूसरा स्थान हासिल किया था।