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गॉल: भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 167 रन की यादगार पारी खेली। नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए पडिक्कल ने न सिर्फ अपना पहला टेस्ट शतक जड़ा, बल्कि श्रीलंका की धरती पर इस स्थान पर भारत की ओर से सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक 460/9 का मजबूत स्कोर खड़ा कर लिया।

पडिक्कल ने तोड़ा पुजारा का रिकॉर्ड

देवदत्त पडिक्कल की 167 रन की पारी ने चेतेश्वर पुजारा का लंबे समय से कायम रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले श्रीलंका में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए किसी भारतीय का सबसे बड़ा स्कोर पुजारा के नाम था, जिन्होंने 2017 में गॉल टेस्ट में 153 रन बनाए थे। पडिक्कल ने 167 रन बनाकर इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया।

श्रीलंका में नंबर-3 पर भारतीय बल्लेबाजों के सबसे बड़े टेस्ट स्कोर:

167 – देवदत्त पडिक्कल, गॉल, 2026
153 – चेतेश्वर पुजारा, गॉल, 2017
133 – चेतेश्वर पुजारा, कोलंबो (SSC), 2017

19 टेस्ट और 35 पारियों का इंतजार हुआ खत्म

पडिक्कल की इस पारी ने भारतीय टेस्ट क्रिकेट के नंबर-3 बल्लेबाजों के लंबे इंतजार को भी खत्म किया। नंबर-3 पर भारत के लिए टेस्ट शतक का इंतजार 19 टेस्ट और 35 पारियों तक चला था। पडिक्कल ने शानदार शतक लगाकर इस सूखे को समाप्त किया। वह टेस्ट में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए भारत के दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बाएं हाथ के बल्लेबाज भी बन गए हैं। इस सूची में उनसे आगे सिर्फ विनोद कांबली हैं, जिन्होंने 227 और 224 रन की पारियां खेली थीं।

चोटिल साई सुदर्शन की जगह मिला मौका

पडिक्कल को प्लेइंग इलेवन में चोटिल साई सुदर्शन की जगह शामिल किया गया था। मिले इस मौके को उन्होंने पूरी तरह भुनाया। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ धैर्य और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाया और लंबी पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। पडिक्कल ने अपनी पारी के दौरान शानदार फुटवर्क दिखाया और स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ स्वीप तथा तेज गेंदबाजों के खिलाफ बैकफुट शॉट्स का बेहतरीन इस्तेमाल किया। उनकी पारी ने भारत को पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा करने का मजबूत आधार दिया।

भारत ने दूसरे दिन बनाए 460/9 रन

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने पहले दिन ही 288/2 का स्कोर बना लिया था। यशस्वी जायसवाल 32 रन बनाकर आउट हुए, जबकि केएल राहुल ने 77 रन की शानदार पारी खेली। राहुल ने पडिक्कल के साथ 150 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की, लेकिन बाद में वह रिटायर्ड हर्ट हो गए।

कप्तान शुभमन गिल 16 रन बनाकर आउट हुए, जबकि ऋषभ पंत ने 39 रन का योगदान दिया। दूसरे दिन भारतीय पारी को आगे बढ़ाते हुए पडिक्कल ने 167 रन बनाए। ध्रुव जुरेल ने भी उपयोगी अर्धशतक लगाया और निचले क्रम के बल्लेबाजों ने भारत को 450 के पार पहुंचाने में मदद की। दिन का खेल खत्म होने तक भारत 116 ओवर में 460/9 पर था। कुलदीप यादव 12 रन और प्रसिद्ध कृष्णा 1 रन बनाकर नाबाद रहे। श्रीलंका की ओर से प्रभात जयसूर्या सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने चार विकेट हासिल किए।

नंबर-3 की समस्या का मिल सकता है समाधान

पडिक्कल की इस पारी ने भारतीय टीम के लिए नंबर-3 की समस्या का समाधान भी पेश कर दिया है। साई सुदर्शन की गैरमौजूदगी में मिले मौके को उन्होंने जिस अंदाज में भुनाया, उससे आने वाले टेस्ट मैचों में इस स्थान के लिए उनकी दावेदारी मजबूत हो गई है। भारत अब 460/9 के स्कोर के साथ श्रीलंका पर पहली पारी में बड़ा दबाव बनाने की स्थिति में है। वहीं, श्रीलंकाई टीम की कोशिश तीसरे दिन भारत की आखिरी विकेट जल्द हासिल कर अपनी बल्लेबाजी शुरू करने की होगी।