आगरा (उत्तर प्रदेश) : लॉर्ड्स में खेले गए पहले महिला टेस्ट मैच में इंग्लैंड पर शानदार जीत के साथ इतिहास रचने वाली भारतीय महिला टीम की कामयाबी पर भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा के माता-पिता ने गर्व महसूस किया। उन्होंने न केवल अपनी बेटी बल्कि पूरी टीम की इस बड़ी उपलब्धि के लिए तारीफ की। सोमवार को लंदन के मशहूर लॉर्ड्स मैदान पर भारत ने इंग्लैंड को 270 रनों से हराया। इसके साथ ही उन्होंने इंग्लैंड की जमीन पर महिला टेस्ट में अपना अजेय रिकॉर्ड बनाए रखा और सबसे लंबे फॉर्मेट में पिछले 11 मैचों में अपनी सातवीं जीत दर्ज की।
इस ऐतिहासिक जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए दीप्ति के पिता भगवान शर्मा ने टीम के ऑलराउंड प्रदर्शन की तारीफ की और कहा कि लॉर्ड्स में क्रिकेट के दिग्गजों की मौजूदगी ने इस मौके को और भी खास बना दिया। उन्होंने कहा, 'उसने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। उसने और बाकी लड़कियों ने बहुत अच्छा काम किया। यह लॉर्ड्स में पहला महिला टेस्ट था और हमारी लड़कियों ने मैच जीता। मैच में सचिन तेंदुलकर और ICC चेयरमैन जय शाह समेत कई बड़ी हस्तियां मौजूद थीं और उन्होंने लड़कियों को बधाई दी। यह देखकर हमें बहुत खुशी हुई।'
अपनी बेटी के व्यस्त शेड्यूल के बारे में बात करते हुए उन्होंने आगे कहा, 'इसके बाद वह इंग्लैंड में 'द हंड्रेड विमेंस' टूर्नामेंट में खेलेगी और फिर सितंबर में एशियाई खेलों के लिए रवाना होने से पहले कुछ दिनों के लिए घर आएगी। उसे घर पर समय बिताने का बहुत कम मौका मिलता है। वह लगातार यात्रा करती रहती है।' दीप्ति आने वाले 'द हंड्रेड विमेंस' टूर्नामेंट में सनराइजर्स लीड्स के लिए खेलेंगी क्योंकि फ्रैंचाइजी ने उन्हें £27,500 (लगभग 34 लाख रुपए) में साइन किया है। टूर्नामेंट 21 जुलाई से शुरू होगा और सनराइजर्स लीड्स केनिंग्टन ओवल में MI लंदन के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। टूर्नामेंट का फाइनल मैच 16 अगस्त को खेला जाएगा।
दीप्ति की मां सुशीला शर्मा ने कहा कि यह जीत भारतीय टीम के हर सदस्य की है, जिन्हें वह अब अपनी बेटियां मानती हैं। उन्होंने कहा, 'पहले मैं सिर्फ दीप्ति पर ध्यान देती थी। लेकिन अब मैं टीम की सभी बेटियों पर नजर रखती हूं और उनकी परवाह करती हूं। जैसे मुझे दीप्ति के अच्छा खेलने पर गर्व होता है, वैसे ही अब मैं इन सभी बेटियों के लिए भी मां जैसा प्यार और सम्मान महसूस करती हूं। मुझे उन सभी से उतनी ही खुशी मिलती है जितनी दीप्ति से मिलती है। जब पूरी टीम जीतती है, तो वह दिन बहुत शानदार होता है। वे भारत की बहादुर बेटियां हैं, और यह बात मुझे बहुत गर्व से भर देती है।'
उन्होंने आगे कहा, 'देश भर की माताओं को इन सभी बेटियों पर गर्व होना चाहिए। ये हमारे देश की बेटियां हैं। हर नागरिक को उन पर गर्व होना चाहिए। सबको खुश होना चाहिए और मैं उन सभी के लिए वही शुभकामनाएं देती हूं जो मैं अपने बच्चे के लिए देती हूं। मेरा मन खुशी से भर गया है। हमारे बच्चों को विदेश में हमारा झंडा ऊंचा करते और कामयाबी हासिल करते देखकर मुझे बहुत गर्व होता है। मैं इस खुशी को शब्दों में बयां नहीं कर सकती।'
भारत की ऐतिहासिक जीत में यस्तिका भाटिया के यादगार शतक का अहम योगदान रहा, जो लॉर्ड्स में टेस्ट मैच में किसी महिला द्वारा लगाई गई पहली सेंचुरी थी। वहीं स्मृति मंधाना, हरमनप्रीत कौर, ऋचा घोष और दीप्ति ने भी बल्ले से अहम योगदान दिया। दीप्ति ने पहली पारी में अहम 57 रन बनाए और दूसरी पारी में 10 रन जोड़े। गेंदबाजी में भी उन्होंने भारत की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई और मैच में तीन विकेट लिए। उन्होंने अहम विकेट चटकाए जिससे इंग्लैंड की टीम 457 रन के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए 186 रन पर ऑल आउट हो गई। डेब्यू करने वाली तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने पहली पारी में 5 विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया।