स्पोर्ट्स डेस्कः राष्ट्रमंडल खेल 2026 (CWG 2026) में भारतीय मुक्केबाजों का स्वर्णिम अभियान जारी है। साक्षी और प्रिया की शानदार जीत के बाद अब भारतीय महिला बॉक्सर अरुंधती चौधरी ने भी बॉक्सिंग रिंग में अपना दम दिखाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है।
धीमी शुरुआत के बाद शानदार वापसी
70 किलोग्राम भारवर्ग के रोमांचक फाइनल मुकाबले में अरुंधती का सामना इंग्लैंड की शैंटेल रीड से था। मैच की शुरुआत में अरुंधती थोड़ी धीमी नजर आईं, जिससे मुकाबला बराबरी का लग रहा था। हालांकि, जल्द ही उन्होंने अपनी रणनीति बदली और रिंग में जबरदस्त वापसी की। अरुंधती के पंचों का विपक्षी बॉक्सर के पास कोई जवाब नहीं था और अंततः भारतीय बॉक्सर ने यह मुकाबला 5-0 के अंतर से जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
बॉक्सिंग में भारत का पांचवां स्वर्ण
यह ग्लासगो में चल रहे खेलों में भारत का कुल 11वां स्वर्ण पदक है। इसके साथ-साथ मुक्केबाजी में भी भारत का सबसे बेहतर प्रदर्शन (5 स्वर्ण) है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल भारतीय मुक्केबाजी दल का मनोबल बढ़ाया है, बल्कि पदक तालिका में भी भारत की स्थिति और मजबूत कर दी है। इससे पहले साक्षी और प्रिया ने भी अपने-अपने भारवर्ग में देश के लिए स्वर्ण पदक जीते थे।
कौन है मुक्केबाज अरुंधति चौधरी?
5 सितंबर, 2002 को जन्मीं अरुंधति चौधरी राजस्थान के कोटा में पली-बढ़ीं। उनके पिता सुरेश चौधरी शुरू में चाहते थे कि वह पढ़ाई पर ध्यान दें और इंजीनियर बनें, जबकि उनकी मां सुनीता चौधरी ने उनको मुक्केबाजी में भेजने का समर्थन किया। उन्होंने हरियाणा में 2017 जूनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण जीता और उन्हें टूर्नामेंट का 'बेस्ट बॉक्सर' चुना गया। वह मुक्केबाजी से पहले बास्केटबॉल में राज्य स्तर पर राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर चुकी थी।