आकलैंड : टूर्नामेंट में अब तक शानदार प्रदर्शन कर रही आत्मविश्वास से ओतप्रोत भारतीय महिला हॉकी टीम निचली रैंकिंग वाली चिली के खिलाफ FIH नेशंस कप सेमीफाइनल में उसी लय को कायम रखना चाहेगी ताकि FIH प्रो लीग में वापसी की ओर अगला कदम रख सके। भारत ने पूल ए में तीनों मैच जीतकर शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई है।
मेजबान न्यूजीलैंड पूल बी में सारे मैच जीतकर शीर्ष पर रहा और दूसरे सेमीफाइनल में अमेरिका से खेलेगा। भारतीय टीम को अगले सत्र में प्रो लीग में वापसी के लिये नेशंस कप जीतना ही होगा जिससे वह पिछले साल बाहर हो गई थी। पिछले सत्र में 16 मैचों में सिर्फ दस अंक लेने के बाद भारत प्रो लीग में सबसे नीचे रहा और नेशंस कप में खिसक गया था। आठ देशों के एफआईएच नेशंस कप के विजेता को अगले सत्र में प्रो लीग में जगह मिलेगी।
मौजूदा रैंकिंग और फॉर्म को देखते हुए भारत का पलड़ा चिली पर भारी है। विश्व रैंकिंग में भारत नौवे और चिली 13वें स्थान पर है लेकिन आधुनिक हॉकी में रैंकिंग उतना मायने नहीं रखती। सेमीफाइनल से पहले मुख्य कोच शोर्ड मारिन को कुछ पहलुओं पर काम करना होगा। 17वीं रैंकिंग वाली उरूग्वे को हराने के लिये भारत को काफी मशक्कत करनी पड़ी। उरूग्वे ने बढत बना ली थी लेकिन दीपिका ने पेनल्टी कॉर्नर पर दो गोल किए और दीपिका सोरेंग ने फील्ड गोल करके भारत को जीत दिलाई।
ड्रैग फ्लिकर दीपिका शानदार फॉर्म में है और चार गोल कर चुकी है। नवनीत कौर, कप्तान सलीमा टेटे और लालरेम्सियामी भी एक एक गोल कर चुके हैं । भारत के लिये एकमात्र फील्ड गोल दीपिका सोरेंग ने किया है। भारत को अगले मैचों में और फील्ड गोल करने होंगे । इसके लिये फॉरवर्ड पंक्ति को मौके बनाकर फिनिशिंग तक ले जाना होगा।