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नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट टीम के गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मिली ऐतिहासिक जीत का श्रेय खिलाड़यिों के साहस और निडर होकर अपना स्वाभाविक खेल खेलने की प्रवृत्ति को दिया है। अरुण ने वर्चुअल बातचीत में कहा कि एडिलेड टेस्ट में मिली हार के बाद मुख्य कोच रवि शास्त्री ने टीम के खिलाड़यिों से सीरीज के नतीजे की परवाह किए बिना सकारात्मक नजरिये के साथ अपना स्वाभाविक खेल खेलने को कहा था और जिसका परिणाम सबके सामने है।

 

गेंदबाजी कोच ने कहा कि जब आपके कुछ निश्चित लक्ष्य होते हैं और आप परिणाम के बारे में सोच रहे होते हैं तब आप डर के साथ खेलते हैं क्योंकि तब आपकी कोई रणनीति ठीक से काम नहीं करती है। तब आप मैच नहीं हारना चाहते हैं और केवल सुरक्षित रूप से खेलना चाहते हैं। हमने एक टीम के रूप में वही किया जो रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली ने कहा था।

अरुण ने कहा कि ब्रिस्बेन टेस्ट में हमने एक अतिरिक्त बल्लेबाज को टीम में शामिल करने पर विचार भी किया, लेकिन हमने सोचा कि यह फैसला टीम के खिलाफ हो सकता है इसलिए कप्तान अजिंक्या रहाणे समेत टीम प्रबंधन ने सर्वसम्मति से फैसला किया कि टीम पांच गेंदबाजों के साथ ही मैदान पर उतरेगी। वाशिंगटन सुंदर नेट पर अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे इसलिए उन्हें टीम में शामिल किया और उन्होंने अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन भी किया।

गेंदबाजी कोच अरुण के मुताबिक सफलता हासिल करने की दिशा में भारतीय टीम अब खतरे मोल लेने से नहीं चूकती और ब्रिस्बेन में अनुभवहीन गेंदबाजों के साथ पांच गेंदबाजों को मौका देना एक बहुत बड़ा फैसला था। हमें यदि सफल होना है तो हार से घबराना नहीं होगा। वह साथ चलेगी। हम हारने से नहीं डरते। हम कुछ मैच हारेंगे और हर हार से हम कुछ ना कुछ सीखेंगे। हार खेल का हिस्सा है और एक अच्छा खिलाड़ी हार से सीखकर ही जीत हासिल करता है। हम इसी फार्मूले के साथ चल रहे थे।

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