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स्पोर्ट्स डेस्क : ब्रिस्टल में खेले गए चौथे मैच में हार के बाद इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम की T20I सीरीज में हार के कारण प्रदर्शन की समीक्षा की जा रही है। BCCI के एक सूत्र के अनुसार बोर्ड खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ दोनों के प्रदर्शन का आकलन करने वाला है। हेड कोच गौतम गंभीर का कॉन्ट्रैक्ट 2027 तक है, लेकिन BCCI सूत्र के मुताबिक टीम के हालिया प्रदर्शन के बाद उनकी स्थिति पर भी सवाल उठ रहे हैं। 

नए कप्तान श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत को 5 मैचों की सीरीज के चौथे T20I में 9 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली, जबकि पहला मैच बिना किसी नतीजे के खत्म हुआ था। भारत को दूसरे T20I में चार विकेट से हार मिली और फिर तीसरे मैच में 125 रनों की करारी हार झेलनी पड़ी, जिसमें 202 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम 76 रनों पर ऑलआउट हो गई। 

खास बात यह है कि टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन के तौर पर यह भारत की लगातार दूसरी T20I सीरीज हार है। इससे पहले इंग्लैंड दौरे से पहले उन्हें आयरलैंड के खिलाफ 2-0 से हार का सामना करना पड़ा था। आयरलैंड के खिलाफ मिली हार भारत की उस टीम के खिलाफ पहली सीरीज हार भी थी। गौरतलब है कि ये दोनों सीरीज हार तब मिलीं जब BCCI ने एक बड़ा बदलाव करते हुए अनुभवी खिलाड़ी और 2026 T20I वर्ल्ड कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया। 

ब्रिस्टल में मिली जीत इंग्लैंड की भारत के खिलाफ दो या उससे अधिक मैचों वाली किसी भी बाइलेटरल T20I सीरीज में पहली जीत थी। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 158/7 का स्कोर बनाया जिसमें अय्यर ने 49 गेंदों पर नाबाद 80 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेली, लेकिन बाकी बल्लेबाजों से उन्हें खास साथ नहीं मिला। 

जवाब में इंग्लैंड ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया और सिर्फ 13.5 ओवरों में जीत दर्ज की। कप्तान हैरी ब्रूक (35 गेंदों पर 79 रन) और फिल साल्ट (42 गेंदों पर 59 रन) की तूफानी अर्धशतकीय पारियों ने इसमें अहम भूमिका निभाई। जोफ्रा आर्चर और जोश टोंग ने 2-2 विकेट लिए। भारत अब आखिरी T20I में अपनी कुछ साख बचाने की कोशिश करेगा जबकि इंग्लैंड सीरीज का शानदार समापन करने पर नजर रखेगा।