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नई दिल्लीः भारतीय टीम के पूर्व कप्तान लाला अमरनाथ की आज 108वीं जयंती है। उनका क्रिकेट करियर भले ही लंबा ना हो, लेकिन उनकी उपलब्धियां कभी ना भूला पाने वाली हैं। पंजाब के कपूरथला में जन्में अमरनाथ भारत की तरफ से पहला टेस्ट शतक लगाने वाले पहले बैट्समैन थे। उनका जन्म 11 सितंबर 1911 में और मृत्यु 5 अगस्त 2000 को हुई थी। उन्होंने साल 1933 में इंग्लैंड के खिलाफ बॉम्बे के जेंटील ओल्ड जिमखाना ग्राउंड पर शतक लगाया था। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 185 मिनटों में 21 चौको की मदद से 118 रन बनाए थे।

भारत की तरफ से लगाया पहला शतक
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वह भारत की तरफ से पहला टेस्ट शतक लगाने वाले पहले बैट्समैन थे। उन्होंने साल 1933 में इंग्लैंड के खिलाफ बॉम्बे के जेंटील ओल्ड जिमखाना ग्राउंड पर शतक लगाया था। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 185 मिनटों में 21 चौको की मदद से 118 रन बनाए थे। हालांकि भारत यह मैच हार गया था, लेकिन लोगों ने उन्हें बधाई दी, उपहार दिए और महिला ने अपनी ज्वेलरी भेंट की थी। अमरनाथ बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी करने में भी माहिर थे। उन्होंने गेंदबाजी से एक ऐसा कारनामा किया था जो कोई भी गेंदबाज नहीं कर सका था। अमरनाथ इकलौते ऐसे गेंदबाज हैं जिन्होंने विश्व और ऑस्ट्रेलिया के सर्वकालिक महान बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन को हिटविकेट आउट किया। अपने करियर में 70 बार आउट होने वाले ब्रैडमैन बस एक बार ही हिटविकेट आउट हुए थे। अमरनाथ ने 1947 में हुए एक टेस्ट मैच के दाैरान ब्रैडमैन को हिटविकेट आउट किया था। ब्रैडमैन 336 गेंदों में 185 रन बनाकर खेल रहे थे, तब वो मध्यम गति से गेंदबाजी करने वाले अमरनाथ की गेंद पर हिट विकेट आउट होकर पवेलियन लौटे। 

कप्तानी में भी निभा चुके हैं भूमिका
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लाला अमरनाथ कप्तानी में भी अपनी भूमिका निभा चुके हैं। वह 1947-48 में स्वतंत्र भारत के पहले कप्तान बने थे। भारत ने अपनी पहली टेस्ट सीरीज भी अमरनाथ की कप्तानी में ही जीती। पाकिस्तान के खिलाफ 1952 में खेली गई पांच मैचों की सीरीज को भारत ने 2-1 से जीती थी। सीरीज में भारत ने पहला और तीसरा टेस्ट जीता था, जबकि पाकिस्तान ने दूसरा। आखिरी के दो टेस्ट मैच ड्रॉ पर खत्म हुए थे। इस सीरीज से पहले भारत ने आठ घरेलू सीरीज खेली थी, जिसमें से सात में उसे हार का सामना करना पड़ा।  

एक नजर उनके क्रिकेट करियर पर 
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उन्होंने 24 टेस्ट मैचों में एक शतक और चार अर्धशतक की बदाैलत 24.38 की औसत से 878 रन बनाए, वहीं 32.91 की औसत से 45 विकेट भी चटकाए। उन्होंने 186 फर्स्ट क्लास मैचों में 10,000 से अधिक रन बनाने के अलावा 22.98 की बेहतरीन औसत के साथ 463 विकेट भी अपने नाम किए।

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