नागोया: भारत की रोशिबिना देवी ने एशियन गेम्स 2026 में महिला वुशु के 60 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। गुरुवार को खेले गए फाइनल में उन्हें चीन की शियाओयू झांग के खिलाफ 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। यह एशियन गेम्स में रोशिबिना का तीसरा मेडल है।
फाइनल में चीन की खिलाड़ी से मिली हार
रोशिबिना देवी ने क्वार्टर फाइनल में मकाऊ की चू मैन सिन को 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। इस जीत के साथ उन्होंने अपना मेडल पक्का कर लिया था।
इसके बाद सेमीफाइनल में रोशिबिना ने इंडोनेशिया की थानिया कुसुमनिंगत्यास को 2-0 से हराया और फाइनल में प्रवेश किया। हालांकि, गोल्ड मेडल के मुकाबले में चीन की शियाओयू झांग के खिलाफ वह 0-2 से हार गईं और उन्हें सिल्वर से संतोष करना पड़ा।
एशियन गेम्स में रोशिबिना का तीसरा मेडल
यह रोशिबिना देवी का एशियन गेम्स में तीसरा मेडल है। उन्होंने 2018 में जकार्ता एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इसके बाद 2023 में हांगझोउ में हुए 19वें एशियन गेम्स में उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
2026 में सिल्वर जीतकर उन्होंने एशियन गेम्स में अपना तीसरा मेडल पूरा किया है। वह एशियन गेम्स में वुशु का सिल्वर मेडल जीतने वाली सिर्फ दूसरी भारतीय खिलाड़ी भी हैं।
वुशु में भारत का 11वां एशियन गेम्स मेडल
रोशिबिना के सिल्वर मेडल के साथ एशियन गेम्स में वुशु में भारत के कुल पदकों की संख्या 11 हो गई है। इनमें एक गोल्ड, दो सिल्वर और आठ ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। वहीं, एशियन गेम्स 2026 में भारत के कुल पदकों की संख्या 14 हो गई है। इनमें एक गोल्ड, छह सिल्वर और सात ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।
मणिपुर के किसान परिवार से आती हैं रोशिबिना
रोशिबिना देवी मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के क्वासिफाई की रहने वाली हैं और एक किसान परिवार से आती हैं। वह इम्फाल स्थित SAI NCOE में महिला सांडा के 60 किग्रा वर्ग में ट्रेनिंग करती हैं। रोशिबिना को कोच मैबाम प्रेमकुमार सिंह ट्रेनिंग देते हैं। वह भारत की सबसे ज्यादा उपलब्धियां हासिल करने वाली वुशु खिलाड़ियों में शामिल हैं।
2018 के ब्रॉन्ज को 2023 में सिल्वर में बदला
रोशिबिना ने 2018 में जकार्ता में आयोजित एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। पांच साल बाद 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में उन्होंने अपने प्रदर्शन को बेहतर करते हुए सिल्वर मेडल जीता। 2023 का सिल्वर मेडल जीतने के साथ रोशिबिना एशियन गेम्स में वुशु का सिल्वर जीतने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी बनी थीं।
अर्जुन अवॉर्ड से भी हो चुकी हैं सम्मानित
रोशिबिना देवी की उपलब्धियों को अर्जुन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। अर्जुन अवॉर्ड भारत के प्रमुख खेल सम्मानों में से एक है। इसके अलावा इंटरनेशनल वुशु फेडरेशन ने उन्हें महिला वुशु एथलीट ऑफ द ईयर (सांडा) के खिताब से भी सम्मानित किया है।
ट्रायल में हारकर टीम से बाहर हो गई थीं रोशिबिना
एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय वुशु टीम के चयन ट्रायल में रोशिबिना को दिव्यांशी चौधरी से हार का सामना करना पड़ा था। इसके चलते अगस्त में खेल मंत्रालय से मंजूर भारत की सात सदस्यीय वुशु टीम में उनका चयन नहीं हुआ था। हालांकि, इसके बाद दिव्यांशी चोट के कारण टीम से बाहर हो गईं और रोशिबिना को भारतीय टीम में शामिल किया गया।
दिव्यांशी ने लगाए थे फाउल प्ले के आरोप
टीम से बाहर होने के बाद दिव्यांशी चौधरी ने फाउल प्ले का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि वह पूरी तरह फिट थीं और फेडरेशन पर रोशिबिना का पक्ष लेने का आरोप लगाया था। दिव्यांशी के अनुसार, रोशिबिना ट्रायल में शुरुआत में चौथे स्थान पर रही थीं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं दी गई है।
मिले मौके को मेडल में बदला
रोशिबिना देवी के लिए एशियन गेम्स 2026 तक का सफर आसान नहीं रहा। ट्रायल में हार के बाद टीम से बाहर होने वाली रोशिबिना को चोट के कारण मिले मौके के बाद भारतीय टीम में जगह मिली। उन्होंने इस मौके को शानदार प्रदर्शन में बदला और क्वार्टर फाइनल तथा सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में जगह बनाई। अंत में चीन की शियाओयू झांग से हार के बावजूद रोशिबिना ने सिल्वर मेडल के साथ अपना अभियान समाप्त किया।