नागोया, जापान: भारतीय महिला स्क्वाश टीम ने एशियाई खेल 2026 में कांस्य पदक अपने नाम कर लिया है। नागोया में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में भारत को हांगकांग के खिलाफ 1-2 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारत का फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया, लेकिन टीम ने कांस्य पदक के साथ अपने अभियान का अंत किया।
अनाहत सिंह की हार से भारत को झटका
भारत की ओर से पहला मुकाबला 18 वर्षीय अनाहत सिंह ने खेला। उन पर काफी जिम्मेदारी थी, क्योंकि भारत की नजरें पिछले हांगझोउ एशियाई खेलों के प्रदर्शन में सुधार करने पर थीं। विश्व रैंकिंग में 17वें स्थान पर मौजूद अनाहत का सामना दुनिया की 25वें नंबर की खिलाड़ी सिन युक चान से हुआ।
अनाहत ने मुकाबले की शानदार शुरुआत की और पहले दो गेम अपने नाम किए। हालांकि वह चौथे गेम में 10-6 की बढ़त के बावजूद चार मैच प्वाइंट गंवा बैठीं। सिन ने वापसी करते हुए मुकाबला निर्णायक पांचवें गेम तक पहुंचा दिया।
पांचवें गेम में अनाहत 7-9 से पीछे थीं, लेकिन उन्होंने लगातार अंक हासिल करते हुए स्कोर 9-9 कर दिया। इसके बाद सिन ने पहला मैच प्वाइंट हासिल किया। अनाहत ने बैकहैंड ड्रॉप से इसे बचाया, लेकिन सिन ने एक और मैच प्वाइंट हासिल किया और इस बार मुकाबला अपने नाम कर लिया। अनाहत को 2-3 (11-9, 11-8, 6-11, 11-13, 10-12) से हार मिली।
तन्वी खन्ना ने की शानदार वापसी
पहले मुकाबले में हार के बाद तन्वी खन्ना ने भारत की उम्मीदें जीवित रखीं। दुनिया की 73वें नंबर की तन्वी का सामना 40वें नंबर की का यी ली से हुआ। शुरुआत में भारतीय खिलाड़ी को परेशानी हुई और उन्होंने पहला गेम 4-11 से गंवा दिया।
दूसरे गेम में तन्वी ने लंबी रैलियों के जरिए वापसी की। उन्होंने 10-9 पर गेम प्वाइंट हासिल किया, लेकिन ली ने बैकहैंड ड्रॉप के जरिए स्कोर बराबर कर दिया। तन्वी ने एक और गेम प्वाइंट गंवाया, लेकिन तीसरे मौके पर सफलता हासिल करते हुए गेम अपने नाम कर लिया।
तीसरे गेम में तन्वी 3-7 से पिछड़ गई थीं, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए स्कोर 9-9 कर दिया। इसके बाद गेम प्वाइंट हासिल कर उन्होंने ली की गलती का फायदा उठाया और गेम जीत लिया।
चौथे गेम में तन्वी ने 4-1 की बढ़त बनाई, लेकिन ली ने वापसी करते हुए 9-7 की बढ़त हासिल कर ली। तन्वी ने लगातार दो अंक लेकर स्कोर बराबर किया। ली ने गेम प्वाइंट हासिल किया, जिसे तन्वी ने बचा लिया। इसके बाद उन्होंने मैच प्वाइंट हासिल किया। पहला मैच प्वाइंट गंवाने के बाद तन्वी ने दूसरे मौके को भुनाया और भारत को मुकाबले में 1-1 से बराबरी दिला दी। तन्वी ने यह मुकाबला 3-1 (4-11, 13-11, 11-9, 13-11) से जीता।
निर्णायक मुकाबले में जोशना चिनप्पा की हार
सेमीफाइनल का फैसला निर्णायक तीसरे मुकाबले में होना था। भारत की अनुभवी खिलाड़ी जोशना चिनप्पा का सामना दुनिया की 39वें नंबर की खिलाड़ी हो जे लोक से हुआ।
जोशना अपनी प्रतिद्वंद्वी की तेज शारीरिक गति का सामना नहीं कर सकीं और पहले दो गेम गंवा बैठीं। तीसरे गेम में भी वह छह मैच प्वाइंट से पीछे थीं। हालांकि भारतीय खिलाड़ी ने आखिरी पलों में शानदार वापसी करते हुए पांच मैच प्वाइंट बचाए, लेकिन वह गेम को अपने पक्ष में नहीं कर सकीं।
जोशना को महज 21 मिनट चले मुकाबले में 4-11, 7-11, 9-11 से हार मिली। इस हार के साथ भारत सेमीफाइनल में 1-2 से पिछड़ गया और फाइनल में जगह नहीं बना सका।
कांस्य पदक के साथ भारत का अभियान समाप्त
हांगकांग के खिलाफ सेमीफाइनल में हार के बावजूद भारतीय महिला स्क्वाश टीम ने एशियाई खेल 2026 में कांस्य पदक अपने नाम किया। भारत का पदक सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही पक्का हो चुका था। टीम अब कांस्य पदक के साथ अपना अभियान समाप्त करेगी।