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आइची-नागोया, जापान: एशियन गेम्स 2026 में भारत का बैडमिंटन अभियान निराशाजनक अंदाज में समाप्त हुआ। भारतीय दल को बैडमिंटन में सिर्फ एक ब्रॉन्ज मेडल मिला, जो पुरुष टीम इवेंट में आया। पीवी सिंधु और उन्नति हुड्डा के महिला एकल क्वार्टर फाइनल में हारने के साथ भारत की व्यक्तिगत इवेंट में पदक की उम्मीदें भी खत्म हो गईं।

सिंधु और उन्नति क्वार्टर फाइनल में हारीं

पीवी सिंधु और उन्नति हुड्डा को महिला एकल के क्वार्टर फाइनल में करीबी मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। सिंधु ने पहला गेम जीतने के बावजूद चीन की चेन युफेई के खिलाफ 1-2 से मुकाबला गंवा दिया। वहीं, उन्नति हुड्डा ने जापान की अकाने यामागुची के खिलाफ दूसरा गेम जीतकर वापसी की कोशिश की, लेकिन वह भी 1-2 से मुकाबला हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गईं।

व्यक्तिगत इवेंट में भारत को नहीं मिला कोई पदक

आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारत पांचों व्यक्तिगत बैडमिंटन इवेंट में पदक जीतने में नाकाम रहा। पुरुष टीम का ब्रॉन्ज भारत का बैडमिंटन में एकमात्र पदक रहा। खास बात यह है कि 2014 में इंचियोन एशियन गेम्स के बाद यह पहली बार है जब भारतीय शटलर्स एशियन गेम्स के व्यक्तिगत इवेंट में कोई पदक नहीं जीत सके हैं।

महिला डबल्स में ट्रीसा-गायत्री भी हारीं

इससे पहले मौजूदा वर्ल्ड चैंपियनशिप की महिला डबल्स मेडलिस्ट ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद को भी क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। भारतीय जोड़ी को दुनिया की नंबर-5 मलेशियाई जोड़ी पर्ली टैन और थिनाह मुरलीधरन ने हराया। वहीं, मिक्स्ड डबल्स में तनिशा क्रास्टो और ध्रुव कपिला की जोड़ी भी क्वार्टर फाइनल में हार गई। उन्हें दुनिया की नंबर-1 चीनी जोड़ी फेंग यान झे और हुआंग डोंगपिंग ने मात दी।

पुरुष टीम का ब्रॉन्ज ही बना एकमात्र पदक

भारत को बैडमिंटन में पुरुष टीम इवेंट से ब्रॉन्ज मेडल मिला। भारतीय पुरुष टीम सेमीफाइनल तक पहुंची और अंतिम-4 में जगह बनाते ही उसका ब्रॉन्ज पदक पक्का हो गया। इसके विपरीत, महिला टीम को क्वार्टर फाइनल में जापान के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इस तरह महिला टीम पदक की दौड़ से बाहर हो गई।

सात्विक-चिराग को राउंड ऑफ-32 में बड़ा झटका

डिफेंडिंग गोल्ड मेडलिस्ट सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी को भी बड़ा झटका लगा। राउंड ऑफ-64 में बाई मिलने के बाद भारतीय जोड़ी को राउंड ऑफ-32 में थाईलैंड के पक्कापोन तीरारात्साकुल और पीराचाई सुकफुन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारत की सबसे बड़ी पदक उम्मीदों में शामिल सात्विक-चिराग की जोड़ी का सफर जल्दी खत्म हो गया।

लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी भी चूके

पुरुष एकल में लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी भी क्वार्टर फाइनल से पहले ही बाहर हो गए। लक्ष्य को राउंड ऑफ-64 में बाई मिली थी, लेकिन राउंड ऑफ-32 में उन्हें सिंगापुर के लोह कीन यू के खिलाफ हार मिली। आयुष शेट्टी ने राउंड ऑफ-32 में मखसुत ताजिबुल्लायेव को हराकर अगले दौर में जगह बनाई, लेकिन प्री-क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे के चाउ टिएन चेन के खिलाफ हार गए।

पुरुष डबल्स में भी नहीं मिली सफलता

भारत की दूसरी पुरुष डबल्स जोड़ी हरिहरन अम्साकरुणन और एमआर अर्जुन को राउंड ऑफ-32 में इंडोनेशिया के फजर अल्फियान और मुहम्मद शोहि‍बुल फिकरी ने हराया। महिला डबल्स में कविप्रिया सेल्वम और सिमरन सिंघी की जोड़ी भी राउंड ऑफ-32 में हारकर बाहर हो गई। उन्हें इंडोनेशिया की फेब्रियाना द्विपुजी कुसुमा और मेलिसा ट्रायस पुस्पितासरी ने मात दी।

2023 में जीते थे तीन पदक

भारत ने 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में बैडमिंटन में कुल तीन पदक जीते थे। हालांकि, आइची-नागोया 2026 में भारतीय बैडमिंटन दल को सिर्फ एक ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। पुरुष टीम का ब्रॉन्ज ही भारत के लिए बैडमिंटन में एकमात्र पदक रहा, जबकि महिला टीम, पुरुष एकल, महिला एकल, पुरुष डबल्स, महिला डबल्स और मिक्स्ड इवेंट में भारतीय खिलाड़ी पदक जीतने में सफल नहीं हो सके।