ओकाजाकी : भारत के कंपाउंड तीरंदाज गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों के व्यक्तिगत कंपाउंड इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया है। ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पज स्क्वायर में खेले गए मुकाबले में गणेश ने वियतनाम के कॉन्ग डुक डांग को 149-144 से हराकर पोडियम पर तीसरा स्थान हासिल किया। इस जीत के साथ आर्चरी में भारत के पदकों की संख्या चार हो गई है।
गणेश ने शानदार अंदाज में किया फिनिश
गणेश ने मुकाबले के दौरान शानदार प्रदर्शन किया और कुल 14 बार 10 अंक हासिल किए। उन्होंने आखिरी तीन शॉट लगातार 10 अंक के लगाए, जिससे उनका स्कोर 149 तक पहुंच गया और वह अपने प्रतिद्वंद्वी से आगे निकल गए।
यह एची-नागोया 2026 में गणेश का दूसरा मेडल है। इससे पहले उन्होंने बुधवार को पुरुषों की टीम कंपाउंड स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता था। भारत ने कंपाउंड आर्चरी प्रतियोगिता का अंत टीम इवेंट्स में तीन गोल्ड और व्यक्तिगत इवेंट में एक ब्रॉन्ज के साथ किया।
चीकिता तनीपर्थी मामूली अंतर से हारीं
इससे पहले भारत की चीकिता तनीपर्थी को महिला कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। इंडोनेशिया की नुरिसा दियान अशरिफाह ने उन्हें 144-143 से हराकर प्रतियोगिता से बाहर कर दिया।
चीकिता शुरुआती दो एंड के बाद पीछे चल रही थीं, लेकिन तीसरे एंड में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए बढ़त हासिल कर ली। हालांकि, अंतिम एंड में 8, 9 और 10 का स्कोर उनके लिए महंगा साबित हुआ। नुरिसा ने आखिरी एंड में 10, 10 और 9 का स्कोर कर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
व्यक्तिगत इवेंट में भारत गोल्ड का बचाव नहीं कर सका
एची-नागोया 2026 में पुरुष और महिला व्यक्तिगत कंपाउंड इवेंट ऐसी दो स्पर्धाएं रहीं, जहां भारत हांगझोउ 2023 के अपने गोल्ड मेडल का बचाव नहीं कर सका। हांगझोउ एशियन गेम्स में भारतीय कंपाउंड तीरंदाजों ने उपलब्ध सभी पांच गोल्ड मेडल अपने नाम किए थे।
हालांकि, चीकिता के लिए एची-नागोया गेम्स शानदार रहे हैं। उन्होंने इससे पहले दो गोल्ड मेडल जीते। उन्होंने पहले महिला टीम इवेंट में स्वर्ण पदक हासिल किया और फिर साहिल जाधव के साथ मिश्रित टीम का खिताब जीता। इस जीत के साथ उन्होंने लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए कोटा स्थान भी हासिल किया।
महिला टीम ने चीन को हराकर बचाया गोल्ड
बुधवार को चीकिता तनीपर्थी, पृथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम की भारतीय कंपाउंड आर्चरी टीम ने चीन को 238-234 से हराकर महिला टीम गोल्ड मेडल का सफलतापूर्वक बचाव किया था। भारत ने इससे पहले इस स्पर्धा में 2018 में सिल्वर और 2014 में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को हराया था। इसके बाद फाइनल में चीन को मात देकर गोल्ड अपने नाम किया। भारत ने फाइनल में 238 का स्कोर बनाया, जो वर्ल्ड रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 238 का स्कोर दक्षिण कोरिया ने 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में बनाया था।
चीकिता-साहिल की जोड़ी ने भी जीता गोल्ड
इसके करीब एक घंटे बाद चीकिता ने साहिल जाधव के साथ मिलकर कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा का गोल्ड मेडल भी जीत लिया। भारतीय जोड़ी ने दक्षिण कोरिया के पार्क जंगयून और चोई योंघी को शूट-ऑफ में हराया। निर्धारित मुकाबले के अंतिम एंड के बाद दोनों टीमों का स्कोर 157-157 से बराबर था, जिसके बाद शूट-ऑफ से विजेता का फैसला हुआ। भारत ने जीत हासिल कर ली।
इस जीत का एक और बड़ा महत्व रहा। भारत ने लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक के कंपाउंड मिश्रित टीम इवेंट के लिए कोटा स्थान हासिल किया। कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा लॉस एंजिलिस ओलंपिक में पहली बार ओलंपिक कार्यक्रम का हिस्सा बनने जा रही है।
साहिल जाधव ने भी जीता दूसरा गोल्ड
साहिल जाधव ने पुरुषों की टीम स्पर्धा में उतरकर अपना दूसरा गोल्ड मेडल भी हासिल किया। कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु की भारतीय तिकड़ी ने चीन के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
हांगझोउ में भारत ने जीते थे 9 मेडल
हांगझोउ 2023 एशियन गेम्स में भारतीय तीरंदाजों ने रिकॉर्ड नौ मेडल जीते थे। इनमें पांच गोल्ड, दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल शामिल थे। कंपाउंड तीरंदाजों ने तब उपलब्ध सभी पांच गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था। एची-नागोया 2026 में गणेश मणि रत्नम का व्यक्तिगत ब्रॉन्ज भारत के लिए कंपाउंड आर्चरी अभियान का एक और अहम पदक रहा।