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अहमदाबाद : भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का कहना है कि वह अकस्मात ही क्रिकेटर बने। अश्विन ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में 400वां टेस्ट विकेट हासिल किया। मैच में उन्होंने 7 विकेट लिए। कप्तान कोहली ने उन्हें लीजैंड का टाइटल दिया था। अश्विन ने कहा- मैं अकस्मात ही क्रिकेटर बना। मैं असल में क्रिकेट को चाहने वालों में शामिल था जो क्रिकेटर बन गया। मैं यहां अपना सपना जी रहा हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं भारत की तरफ से खेलूंगा। 

अश्विन बोले- कोविड-19 लॉकडाउन से अहसास हुआ कि मैं कितना भाग्यशाली हूं जो भारत की तरफ से खेलता हूं। यहां तक कि जब मैं आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) से वापस आया तो मैंने नहीं सोचा था कि मैं आस्ट्रेलिया में खेलूंगा और इसलिए मैं कहता हूं सब कुछ उपहार है। जिस खेल को मैंने चाहा उसने मुझे वापस बहुत कुछ दिया। 

अश्विन ने कहा कि उन्होंने लॉकडाउन के दौरान व्यक्तिगत प्रदर्शन के कई वीडियो देखे जिससे उनकी खेल के प्रति अपनी समझ बेहतर हुई। उन्होंने कहा- मैं पहले भी काफी फुटेज देखा करता था लेकिन इस बार मेरी खेल के प्रति समझ बेहतर हुई। लॉकडाउन के दौरान मैंने पूर्व के कई मैच देखे विशेषकर सचिन की चेपॉक में खेली गई पारी और अन्य मैच। 

अश्विन ने जोफ्रा आर्चर के रूप में 400वां विकेट लिया और बल्लेबाज ने जब डीआरएस लिया तभी उन्हें अहसास हुआ कि वह इस मुकाम पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा- असल में उस समय जब उसने (आर्चर) डीआरएस लिया तभी मुझे अहसास हुआ कि मैंने 400वां विकेट ले लिया है। इसके बाद उन्होंने बोर्ड पर 400वां विकेट दिखाया, स्टेडियम में सभी खड़े होकर तालियां बजा रहे थे। पिछले तीन महीने परीकथा की तरह रहे।

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