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कुराशिकीः जापान में बीते दिनों से लगातार हो रही बारिश के बाद आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या 179 पर पहुंच गई है। सरकार के शीर्ष प्रवक्ता ने आज ये आंकड़े सामने रखे। मूसलाधार बारिश के चलते आई बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं के बाद तलाश और बचाव अभियान जारी हैं।
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स्थानीय मीडिया का कहना है कि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। जापान में पिछले तीन दशकों में मौसम के कारण आई यह सबसे बड़ी आपदा है हालांकि बारिश की तीव्रता में थोड़ी कमी आई है और राहत तथा बचाव दल मलबें में लोगों की तलाश कर रहे हैं। जापान में 1982 के बाद से यह सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा है जिसमें 20 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और इस की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने अपना विदेशी दौरा स्थगित कर दिया है।
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मुख्य कैबिनेट सचिव योशीहिदे सुगा ने बताया कि इस आपदा के कारण आबे ने बेल्जियम, फ्रांस, सऊदी अरब और मिस्र का अपना दौरा स्थगित कर दिया है।
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आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बाढ़ के कारण हुए आर्थिक नुकसान का अभी कोई आकलन नहीं किया गया है। बाढ़ के कारण इस क्षेत्र के 11,220 मकानों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है और सैंकडों लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है।
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बारिश  के बाद आई बाढ़ से उद्योग जगत भी काफी प्रभावित हुआ है और हिरोशिमा शहर में माजदा मोटर कंपनी ने हेड आफिस बंद कर दिया है। इस कंपनी ने पिछले सप्ताह कईं संयंत्रों में कामकाज को रोक दिया था और आज भी दो और संयंत्रों को बंद करने की बात कही जा रही है।

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