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लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल में गोल्ड कोस्ट में संपन्न हुए राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले राज्य के खिलाडिय़ों को नगद पुरस्कार और नौकरी देने का फैसला किया है। इसके अलावा इन खेलों में हिस्सा लेने वाले राज्य के खिलाडिय़ों को प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। इतना ही नही उत्तर प्रदेश के मूल निवासी खिलाड़ी जो अब किसी अन्य राज्य में रह रहे हैं या नौकरी कर रहे हैं, उन्होंने भी अगर राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीता है तो सरकार उनको भी इनाम देगी और सम्मानित करेगी।
इनाम राशी के साथ साथ खेल कोटे से नौकरी भी दी जाएगी: चेतन चौहान
प्रदेश के खेल मंत्री चेतन चौहान ने विशेष बातचीत में कहा, ‘‘राष्ट्रमंडल खेलों में प्रदेश और देश का नाम रोशन करने वाले खिलाडिय़ों को सरकार ने इनाम और सम्मान देने का फैसला किया है। इसके अलावा राज्य के 11 सरकारी विभागों में अगर वे नौकरी के लिए आवेदन करते हैं तो उन्हें खेल कोटे से नौकरी भी दी जाएगी।‘’ उन्होंने कहा, ‘‘स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी को 50 लाख रुपए का पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र, रजत पदक जीतने वाले को 30 लाख रुपए और प्रशस्ति पत्र तथा कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी को 15 लाख रुपए और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा खिलाडिय़ों को किया जाएगा सम्मानित 
इन खिलाडिय़ों को सम्मानित करने के लिए मई के प्रथम सप्ताह में लखनऊ में भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन खिलाडिय़ों को सम्मानित करेंगे।‘‘ चौहान ने बताया कि पदक विजेताओं को प्रदेश के 11 सरकारी विभागों में उनकी योग्यता के अनुसार खेल कोटे से सरकारी नौकरी दिए जाने का भी फैसला किया गया है। इन विभागों में पद खाली होने पर क्रमानुसार पदक विजेता खिलाडिय़ों को नौकरी दी जाएगी। 

गौरतलब है कि राज्य से पदक पाने वालों में लखनऊ के जीतू राय (10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण), वाराणसी की पूनम यादव (भारोत्तोलन में स्वर्ण), मेरठ की सीमा पूनिया (चक्का फेंक में रजत पदक) और मेरठ के रवि कुमार (निशानेबाजी में कांस्य) के अलावा पैरा पावर लिफ्टिंग में कांस्य पदक जीतने वाले मेरठ के सचिन चौधरी शामिल हैं।

खेल मंत्री ने साथ ही कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में प्रतिस्पर्धा पेश करने वाले राज्य के प्रत्येक खिलाड़ी को भी प्रोत्साहन राशि के तौर पर पांच.पांच लाख रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मूल निवासी जो अपने खेल या नौकरी की वजह से दूसरे प्रदेशों में रह रहे हैं या काम कर रहे हैं। प्रदेश का खेल विभाग ऐसे खिलाडिय़ों के बारे में जानकारी हासिल कर रहा है और उन खिलाडिय़ों की सूची बनाकर उन्हें भी इस सम्मान समारोह में बुलाकर सम्मानित किया जायेगा और पुरस्कार भी दिया जाएगा ।

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