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नई दिल्ली : भारत के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी पारूपल्ली कश्यप ने कहा है कि पिछले कुछ समय से चोटों से परेशान रहने के बावजूद वह जितना अधिक संभव हो अपने करियर को उतना आगे बढ़ाना चाहते हैं लेकिन वह संन्यास के बाद कोचिंग देने के लिए भी तैयार हैं। कश्यप ने कहा कि उन्हें अपनी पत्नी और दुनिया की पूर्व नंबर एक महिला एक खिलाड़ी साइना नेहवाल को कोचिंग देने से काफी मदद मिल रही है क्योंकि उनके लिए खेल को समझ पाना अधिक आसान हो गया है।

कश्यप ने कहा, ‘मुझे कोचिंग करते हुए कोर्ट के पीछे बैठने से मदद मिल रही है। साइना को कोचिंग देने से मुझे काफी मदद मिल रही है। बाहर से खेल को समझना आसान होता है, आप खिलाड़ी को बता सकते हैं कि कहां गलती हो रही है। यह नया अनुभव है लेकिन काफी मददगार है।’ उन्होंने कहा, ‘निश्चित तौर पर मेरी कोचिंग में रुचि है लेकिन उम्मीद करता हूं कि मैं अपने करियर को अधिक से अधिक लंबा खींचने में सफल रहूंगा। यह निश्चित है कि खेलना छोडऩे पर कोचिंग शुरू करूंगा क्योंकि मुझे नहीं लगता कि मैं खेल से दूर रह सकता हूं।’

पिछले तीन साल में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने के बावजूद कश्यप ने ओलंपिक में खेलने का सपना नहीं छोड़ा है। इस भारतीय खिलाड़ी ने एक साल से भी अधिक समय बाद बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर में सुपर 500 या इससे बेहतर टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है। वह पिछली बार जनवरी-फरवरी में इंडिया ओपन के ही अंतिम आठ में पहुंचे थे। दुनिया के 55वें नंबर के खिलाड़ी कश्यप ने कहा, ‘मैं लंबे समय तक अपने देश का नंबर एक खिलाड़ी रहा और ओलंपिक में नहीं खेल पाना मेरे लिए बड़ा झटका था। मैं कई बार यह कह चुका हूं। मैं इस साल अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं और एक बार फिर ओलंपिक में जगह बनाने का दावेदार बनना चाहता हूं। मैं सिर्फ इसमें हिस्सा नहीं लेना चाहता बल्कि पदक का दावेदार बनना चाहता हूं।’

कश्यप ने कहा कि एकल में भारत के चार-पांच खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और जो भी ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करेगा वह पदक का दावेदार होगा। राष्ट्रमंडल खेलों के पूर्व चैंपियन कश्यप ने कहा, ‘मुझे लगता है कि भारत से जो भी ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करेगा वह पदक का दावेदार होगा। चार-पांच एकल खिलाड़ी हैं जो काफी अच्छा कर रहे हैं। इसलिए उम्मीद करता हूं कि हमारे बीच से जो भी क्वालीफाई करेगा वह पदक जीतने का प्रयास करेगा।’

कश्यप ने कहा कि वह अपनी रैंकिंग में सुधार करना चाहते हैं जिससे कि सुपर 750 और सुपर 1000 टूर्नामेंट में हिस्सा ले सकें। उन्होंने कहा, ‘मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहता हूं और खुद को साबित करना चाहता हूं। उम्मीद करता हूं कि मैं सही समय पर फार्म हासिल करने में सफल रहूंगा। मैंने लंबे समय के बाद बड़े टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है। मैं रैकिंग में सुधार करना चाहता हूं क्योंकि मैं सुपर 1000, सुपर 750 टूर्नामेंटों के लिए क्वालीफाई नहीं कर पा रहा हूं क्योंकि मेरी रैंकिंग काफी अच्छी नहीं है। मैं आत्मविश्वास हासिल करना चाहता हूं क्योंकि मुझे पता है कि मेरे पास ऐसा खेल है जिससे मैं अच्छा प्रदर्शन कर सकता हूं लेकिन यह इस पर निर्भर करेगा कि अगले कुछ समय तक मेरा शरीर मेरा साथ दे।’ 

लंबे समय से फिटनेस को लेकर परेशान रहे कश्यप ने कहा कि वह अब भी इसे लेकर पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो मैं अब भी अपनी फिटनेस को लेकर जूझ रहा हूं। मैं काफी टूर्नामेंटों में खेलने की कोशिश कर रहा हूं क्योंकि चोट के बाद 2016 और 2017 मेरे लिए काफी मुश्किल रहे जबकि 2018 में मैं बिलकुल भी लय हासिल नहीं कर पाया।’ कश्यप ने कहा, ‘‘पिछले साल दो बार मैं 12-12 हफ्तों के लिए टूर्नामेंटों में हिस्सा नहीं ले पाया और ना ही ट्रेनिंग कर पाया। पैर और पीठ की चोटों से मैं काफी परेशान रहा। यह कभी ना कभी ठीक हो जाएगा लेकिन मैंने महसूस किया कि मैं टूर्नामेंटों में हिस्सा नहीं ले पा रहा हूं और सिर्फ ट्रेनिंग कर रहा हूं और इस दौरान चोटिल हो जा रहा हूं। इसलिए मैंने फैसला किया कि मैं टूर्नामेंटों में हिस्सा लूंगा और इस दौरान ट्रेनिंग भी करता रहूंगा।’ उन्होंने कहा, ‘मैं भी यह नहीं समझ पा रहा हूं कि मैं नतीजे क्यों नहीं दे पा रहा हूं, आखिर समस्या कहां है। मैं स्वयं से पूछ रहा हूं कि मैं अच्छा क्यों नहीं कर पा रहा। मैं सिर्फ इतना कर सकता हूं कि कोशिश जारी रखूं।’         

कश्यप अब 32 बरस के हो चुके हैं और उन्होंने कहा कि वह समझ नहीं पा रहे हैं कि उन्हें अपने शरीर के अनुसार कैसी ट्रेनिंग करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मेरा शरीर अब वैसा नहीं रहा जैसा 25 बरस की उम्र में था। अगर मैं 20 या 25 बरस में जो करता था वह करने का प्रयास करूंगा तो नहीं कर पाऊंगा। यह मेरे लिए नई चीज है। मेरे पास इसका कोई जवाब नहीं है। मुझे नहीं लगता कि अपको कोई इस बारे में बता सकता है। गोपी सर के लिए इतने अनुभव के बावजूद मेरी स्थिति नई है क्योंकि मैं 30 बरस से अधिक उम्र का एकमात्र खिलाड़ी हूं। उन्होंने भी अपना करियर 30 साल से पहले 27 या 28 साल की उम्र में खत्म कर दिया था।’ 

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