स्पोर्ट्स डेस्क : स्टार भारतीय पहलवान विनेश फोगाट ने फेडरेशन कप 2026 के चयन को लेकर हरियाणा कुश्ती संघ के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने चयन मानदंडों को “अनुचित” बताते हुए कहा कि मौजूदा नियम न सिर्फ भेदभावपूर्ण हैं, बल्कि कई प्रतिभाशाली पहलवानों के करियर पर भी खतरा बन सकते हैं। विनेश का मानना है कि सीमित ट्रायल नीति भारतीय कुश्ती में निष्पक्षता और नए टैलेंट के विकास दोनों के खिलाफ है।
चयन मानदंडों पर विनेश की कड़ी आपत्ति
विनेश फोगाट ने हरियाणा कुश्ती संघ के उस फैसले पर सवाल उठाए, जिसमें फेड कप 2026 के ट्रायल केवल 2025 के सीनियर राज्य पदक विजेताओं और 2025 में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले पहलवानों तक सीमित कर दिए गए हैं। उनका कहना है कि इस नीति ने हजारों मेहनती खिलाड़ियों को बिना किसी ठोस कारण के बाहर कर दिया है।
2024 के राष्ट्रीय पदक विजेताओं को बाहर क्यों?
विनेश ने खास तौर पर इस बात पर नाराजगी जताई कि 2024 के राष्ट्रीय पदक विजेताओं को चयन प्रक्रिया से बाहर रखा गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या एक साल पहले देश के लिए पदक जीतने वाले पहलवान अचानक अयोग्य हो जाते हैं। उनके मुताबिक, यह फैसला प्रदर्शन आधारित चयन की मूल भावना के खिलाफ है।
उम्र सीमा और चोट से जूझ रहे पहलवानों की अनदेखी
फोगाट ने यह भी कहा कि उम्र सीमा के कारण 2025 सीनियर नेशनल में हिस्सा न ले पाने वाले पहलवान 2026 में पूरी तरह योग्य हैं, फिर भी उन्हें मौका नहीं दिया जा रहा। इसके अलावा, चोटिल खिलाड़ियों को भी चयन से बाहर कर दिया गया है, जो उनके अनुसार अन्यायपूर्ण है क्योंकि चोट खेल का हिस्सा होती है, अपराध नहीं।
“ये टूर्नामेंट हर खिलाड़ी का सपना होते हैं”
विनेश ने जोर देकर कहा कि एशियाई खेल, विश्व चैंपियनशिप और फेडरेशन कप जैसे इवेंट हर पहलवान के करियर के लिए बेहद अहम होते हैं। उनका मानना है कि मौजूदा चयन नीति खिलाड़ियों के भविष्य पर समय से पहले ब्रेक लगाने जैसा है और सालों की मेहनत को बेकार कर देती है।
निष्पक्ष ट्रायल की कमी से रुक रहा नया टैलेंट
स्टार पहलवान ने राज्य स्तर पर निष्पक्ष ट्रायल न होने को भारतीय कुश्ती की सबसे बड़ी समस्या बताया। उनके अनुसार, जब खिलाड़ियों को खुद को साबित करने का मौका ही नहीं मिलेगा, तो देश के लिए नई प्रतिभाएं सामने कैसे आएंगी।
ओपन ट्रायल की जोरदार मांग
विनेश फोगाट ने खुलकर ओपन ट्रायल की वकालत की। उन्होंने कहा कि असली टैलेंट सिर्फ मैट पर पहचाना जा सकता है, न कि कागजी मानदंडों से। किसी खिलाड़ी को ट्रायल का मौका न देना उसके साथ सबसे बड़ा अन्याय है।
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील
अपने बयान के अंत में, विनेश ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और नायब सैनी से इस मुद्दे में दखल देने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य के पहलवानों को न्याय दिलाने के लिए सरकार का हस्तक्षेप बेहद जरूरी है।