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स्पोर्ट्स डेस्क : महज 15 साल की उम्र में भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल वैभव सूर्यवंशी अपने अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के बेहद करीब हैं। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टीम में जगह मिलने के बाद क्रिकेट जगत की निगाहें उन पर टिकी हुई हैं। हालांकि इस दौरे पर उन्हें एक ऐसी व्यवस्था का सामना करना पड़ेगा जो टीम के अन्य खिलाड़ियों से अलग होगी।

सीनियर खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा नहीं कर पाएंगे

रिपोर्ट्स के अनुसार वैभव सूर्यवंशी इंग्लैंड दौरे के दौरान भारतीय टीम के सीनियर खिलाड़ियों के साथ वही ड्रेसिंग रूम और कुछ अन्य सुविधाएं साझा नहीं कर पाएंगे। इसका कारण टीम चयन या किसी तरह का आंतरिक फैसला नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के सुरक्षा और संरक्षण संबंधी नियम हैं।

चूंकि वैभव अभी 18 वर्ष से कम उम्र के खिलाड़ी हैं, इसलिए ICC की ‘सेफगार्डिंग’ गाइडलाइंस के तहत उनके लिए विशेष व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। इन नियमों का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले नाबालिग खिलाड़ियों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना है।

ECB ने भी की नियमों की पुष्टि

इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि यह पूरी प्रक्रिया ICC के दिशा-निर्देशों के तहत लागू की जा रही है। उनके अनुसार ICC आयोजनों के दौरान सेफगार्डिंग प्रोटोकॉल प्रभावी रहते हैं और किसी भी नाबालिग खिलाड़ी से जुड़े मामलों को इन्हीं नियमों के तहत संभाला जाता है।

यह व्यवस्था केवल वैभव सूर्यवंशी के लिए नहीं, बल्कि किसी भी अंडरएज खिलाड़ी पर समान रूप से लागू होती है जो ICC से जुड़े टूर्नामेंट या सीरीज का हिस्सा बनता है।

इतिहास रचने के बेहद करीब हैं वैभव

इन विशेष व्यवस्थाओं के बीच सबसे बड़ी चर्चा वैभव के संभावित डेब्यू को लेकर है। भारत को पहले आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 मुकाबले खेलने हैं, जिसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज होगी। अगर वैभव को इनमें से किसी मुकाबले में मौका मिलता है, तो वह भारत के सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बन सकते हैं। फिलहाल यह रिकॉर्ड Sachin Tendulkar के नाम दर्ज है, जिन्होंने 1989 में 16 साल 205 दिन की उम्र में भारत के लिए टेस्ट डेब्यू किया था।

बिहार से टीम इंडिया तक का शानदार सफर

बिहार के इस युवा बल्लेबाज ने आयु वर्ग और घरेलू क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और लगातार रन बनाने की क्षमता ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा, जिसके बाद उन्हें सीनियर टीम में मौका मिला।

हालांकि इंग्लैंड दौरे पर उन्हें कुछ अलग नियमों का पालन करना होगा, लेकिन इससे उनके करियर के सबसे बड़े पल की चमक कम नहीं होगी। क्रिकेट प्रशंसक अब उस दिन का इंतजार कर रहे हैं जब वैभव भारतीय जर्सी में मैदान पर उतरकर इतिहास रचेंगे।