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केपटाउन : पहले टेस्ट में शर्मनाक हार के बाद वापसी के लिए भारतीय गेंदबाजों को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यहां बुधवार से शुरू हो रहे दूसरे क्रिकेट टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन करना होगा ताकि विश्व चैम्पियनशिप अंक तालिका में ऊपर आने का रास्ता बन सके। इस समय विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप 2023-25 चक्र में दक्षिण अफ्रीका शीर्ष पर है जबकि भारत छठे स्थान पर है। 

हरफनमौला रविंद्र जडेजा की वापसी से मध्यक्रम संतुलित होगा और बीच के ओवरों में पुरानी कूकाबूरा से वह प्रभावी साबित होंगे। भारत के लिये तीसरे और चौथे तेज गेंदबाज की भूमिका अहम होगी। प्रसिद्ध कृष्णा अभी टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयार नहीं हैं और शार्दुल ठाकुर लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। बल्लेबाजों में शीर्ष तीन यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर के खराब फॉर्म ने टीम की चिंता बढ़ा दी है। उन्हें दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों के बाउंसर झेलने होंगे। 

पहले टेस्ट की पहली पारी में केएल राहुल और दूसरी पारी में विराट कोहली को छोड़कर भारत का कोई बल्लेबाज सेंचुरियन में अतिरिक्त उछाल का सामना नहीं कर सका। नए विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप चक्र में एक हार और एक ड्रॉ के बाद भारत जीत के लिए बेताब होगा। इस मैदान पर हालांकि पिछले छह में से चार मैच भारत गंवा चुका है। पिछले छह सप्ताह कप्तान रोहित शर्मा के लिये अच्छे नहीं रहे हैं जो वनडे विश्व कप फाइनल की हार के बाद उबरने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद सेंचुरियन में ढाई दिन के भीतर टेस्ट में पारी और 32 रन के अंतर से हार ने उनकी समस्याएं बढ़ा दी है। 

अब ऐसे में नए साल की शुरूआत यहां न्यूलैंड्स पर जीत के साथ करने के लिए वह बेताब होंगे । इस मैदान पर दक्षिण अफ्रीका का पलड़ा भारी है। इस टेस्ट के बाद विदा ले रहे दक्षिण अफ्रीका के कप्तान डीन एल्गर नहीं चाहेंगे कि महेंद्र सिंह धोनी के बाद यहां टेस्ट श्रृंखला ड्रॉ कराने वाले रोहित भारत के दूसरे कप्तान बनें। यहां टॉस की भूमिका अहम होगी क्योंकि तापमान 33-34 के बीच है और पिच पर हरी घास है। यह पिच बल्लेबाजों की मददगार हो सकती है जिस पर स्पिनरों को ज्यादा मदद नहीं मिलेगी। ऐसे में जडेजा के फिट होने पर टीम में रविचंद्रन अश्विन को रखने के कोई मायने नहीं है। 

रोहित को यह भी देखना होगा कि वह अपने विशेषज्ञ बल्लेबाजों पर भरोसा करके शार्दुल और प्रसिद्ध की जगह मुकेश कुमार या आवेश खान को जगह देंगे। मुकेश ने नेट पर अतिरिक्त अभ्यास किया और वह शार्दुल से अधिक प्रभावी है। वहीं आवेश लाल गेंद से अतिरिक्त उछाल का फायदा उठा सकते हैं। बल्लेबाजों की मददगार पिच पर एल्गर, एडेन मार्कराम, टोनी डि जोर्जी, कीगन पीटरसन पर अंकुश लगाना आसान नहीं होगा। ऐसे में नई गेंद की भूमिका अहम होगी। 

जसप्रीत बुमराह दुआ करेंगे कि आसमान में बादल घिरे हों और पहले टेस्ट की तरह वह बदकिस्मत साबित नहीं हो जब भारत की फील्डिंग भी लचर साबित हुई थी। कप्तान रोहित को बल्लेबाजी में अपना हुनर दिखाना होगा। तेज गेंदबाज कैगिसो रबाडा ने उन्हें बार बार परेशान किया है। लुंगी एंगिडि भी उतने ही खतरनाक गेंदबाज हैं। विराट कोहली पहले टेस्ट में अच्छे फॉर्म में दिखे और यहां उन्हें टिककर पारी के सूत्रधार की भूमिका निभानी होगी। 

टीमें : 

भारत : रोहित शर्मा (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, विराट कोहली, केएल राहुल (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, रविंद्र जडेजा, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, मुकेश कुमार, प्रसिद्ध कृष्णा, केएस भरत (विकेटकीपर), अभिमन्यु ईश्वरन। 

दक्षिण अफ्रीका : तेम्बा बावुमा (कप्तान), एडेन मार्कराम, टोनी डी ज़ोरज़ी, डीन एल्गर, कीगन पीटरसन, काइल वेरिन (विकेटकीपर), ट्रिस्टन स्टब्स (विकेटकीपर), नांद्रे बर्गर, मार्को यानसन, वियान मुल्डर, गेराल्ड कोएत्ज़ी, केशव महाराज, कैगिसो रबाडा, लुंगी एनगिडी, डेविड बेडिंघम।