नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारतीय खेलों के लिए एक बड़ा लक्ष्य तय किया। उन्होंने कहा कि देश को 2036 ओलंपिक में कम से कम तीन-चौथाई इवेंट्स में हिस्सा लेने का लक्ष्य रखना चाहिए। साथ ही उन्होंने 5 से 15 साल के बच्चों के लिए देशव्यापी टैलेंट पहचान कार्यक्रम की घोषणा की।
स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि हाल के वर्षों में खेलों के क्षेत्र में भारत की प्रगति तेज हुई है और देश अंतरराष्ट्रीय मंच पर अधिक प्रमुखता से उभरा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगला कदम टैलेंट पूल का विस्तार करना होना चाहिए ताकि भारतीय एथलीट ओलंपिक के कई तरह के इवेंट्स में क्वालीफाई कर सकें।
पीएम मोदी ने नई दिल्ली के लाल किले में अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में कहा, 'भारत खेलों की दुनिया में अपनी जगह बना रहा है। हम अक्सर अपना राष्ट्रगान सुनते हैं और तिरंगे को ऊपर जाते हुए देखते हैं। TOPS ने बड़ी सफलता हासिल की है। चाहे खेलो इंडिया गेम्स हों, यूनिवर्सिटी गेम्स, बीच गेम्स, विंटर गेम्स हों या स्पोर्ट्स ट्रेनिंग, स्पोर्ट्स मेडिसिन, स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन - भारत बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है।'
पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए एक मजबूत दावेदार बन गया है और गुजरात के अहमदाबाद में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि ओलंपिक के विभिन्न खेलों में भारत की भागीदारी अभी भी सीमित है क्योंकि एथलीट आमतौर पर क्वालीफाई नहीं कर पाते हैं। उन्होंने कहा, 'भारत का प्रदर्शन बेहतर हो रहा है और हम 2036 में ओलंपिक की मेजबानी करने के मजबूत दावेदार हैं। हम 2030 में CWG की मेजबानी कर रहे हैं। ओलंपिक में लगभग 40 खेल विधाएं (disciplines) हैं, जिनमें लगभग 350 इवेंट्स होते हैं। यह दुखद है कि हम इनमें से कम से कम दो-तिहाई इवेंट्स में भी प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाते हैं क्योंकि हम क्वालीफाई ही नहीं कर पाते हैं।'
5 से 15 साल के बच्चों के लिए देशव्यापी टैलेंट हंट
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को अपने खेल आधार का विस्तार करना चाहिए और ऐसे एथलीट तैयार करने पर काम करना चाहिए जो कई तरह की खेल विधाओं में भाग लेने में सक्षम हों। इस रणनीति को लागू करने के लिए, सरकार कम उम्र में ही खेल प्रतिभा की पहचान करने के लिए देशव्यापी टैलेंट सर्च शुरू करेगी। उन्होंने कहा, 'हमने तय किया है कि 2036 में हमें कम से कम तीन-चौथाई इवेंट्स में हिस्सा लेना चाहिए। हम देश के हर कोने से होनहार खिलाड़ियों को खोजने के लिए 5 से 15 साल के बच्चों के लिए देशव्यापी टैलेंट हंट शुरू कर रहे हैं। उन्हें वर्ल्ड-क्लास एथलीट बनने के लिए खास ट्रेनिंग दी जाएगी।'
इस प्रोग्राम के तहत देश के सभी हिस्सों से होनहार युवाओं को खोजा जाएगा और उन्हें खास ट्रेनिंग के साथ-साथ बेहतरीन एथलीट बनने के लिए जरूरी मदद भी दी जाएगी। इस पहल का मकसद भारत के लंबे समय के ओलंपिक लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए टैलेंट की एक मजबूत सप्लाई तैयार करना है। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब भारत अहमदाबाद में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है, इसकी आधिकारिक जिम्मेदारी 2026 ग्लासगो गेम्स के समापन समारोह में सौंपी जाएगी।
2010 में नई दिल्ली में हुए इवेंट के बाद अहमदाबाद गेम्स भारत द्वारा आयोजित किए जाने वाले दूसरे कॉमनवेल्थ गेम्स होंगे। उम्मीद है कि 2030 गेम्स भारत को अपने स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने, उभरते हुए एथलीटों को खोजने और 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए जरूरी अनुभव हासिल करने का एक और अहम मौका देंगे। नरेंद्र मोदी स्टेडियम कॉम्प्लेक्स उन मुख्य वेन्यू में से एक है, जिनके आस-पास अहमदाबाद गेम्स का आयोजन किया जाएगा।