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नई दिल्ली : इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने कहा है कि वह भाग्यशाली हैं कि उन्हें बहु-नस्लीय समाज में एसेक्स के साथ एक बहु-सांस्कृतिक क्लब मिला। जहां पर उन्हें बहुत कम नस्लवाद का अनुभव हुआ। हुसैन बोले- मुझे एसेक्स में बहुत कम नस्लवाद का सामना करना पड़ा। मैं भारत में पैदा हुआ और इलफर्ड के एक युवा लड़के के रूप में बड़ा हुआ। मैं भाग्यशाली था कि एसेक्स जैसे क्लब में खेलने के लिए हमारे पास नदीम शाहिद, सलीम मलिक जैसा मध्य क्रम था।जोकि काफी अच्छा था।

नासिर ने कहा- इलफर्ड में हमारे काउंटी के दक्षिण में बहु-सांस्कृतिक काउंटी था। डैड और उनके क्रिकेट स्कूल में एक ब्रिटिश वेस्ट इंडियन नेट, ब्रिटिश इंडियन नेट और एक ब्रिटिश पाकिस्तानी नेट था। हम सभी एक दूसरे से मिलकर खेलते थे चाहे भारत-पाकिस्तान को मैच हो या इंग्लैंड-वेस्टइंडीज के मैच हो। हम इक_े भोजन खाते थे और यह मजेदार था। 

वहीं, हुसैन ने इस दौरान पाकिस्तान के मुख्य बल्लेबाज बाबर आजम की तारीफ की। उन्होंने कहा- बाबर के पास महानों बनने के लिए सभी जरूरी चीजें हैं। सफेद गेंद क्रिकेट में वह सबसे अच्छा है। वह टी-20 आई में रैंकिंग में सबसे ऊपर है। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में भी उसने अच्छा प्रदर्शन किया था। इंग्लैंड में टेस्ट क्रिकेट खेलना आसान नहीं है। उन्हें विराट कोहली के बराबर पहुंचने के लिए टेस्ट क्रिकेट में निरंतरता की जरूरत है।

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