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मुंबई : शार्दुल ठाकुर के हरफनमौला प्रदर्शन की बदौलत कई बार की चैम्पियन मुंबई ने सोमवार को यहां तमिलनाडु को सेमीफाइनल में 3 दिन के अंदर पारी और 70 रन से शिकस्त देकर रणजी ट्राफी फाइनल में प्रवेश किया। दूसरे दिन 109 रन की शतकीय पारी खेलकर मुंबई को पहली पारी के आधार पर 232 रन की विशाल बढ़त दिलाने के बाद ठाकुर की अगुआई वाले मुंबई के गेंदबाजी आक्रमण ने तमिलनाडु को दूसरी पारी में महज 162 रन पर समेट दिया।

मेहमान टीम के लिए केवल बाबा इंद्रजीत (70 रन) ही टिककर खेल सके और बाकी के बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन से तमिलनाडु की टीम अपने पहले रणजी नॉकआउट मैच में कोई चुनौती पेश नहीं कर सकी। एक बार फिर तमिलनाडु के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज कोई भी योगदान नहीं कर सके जिससे मध्यक्रम ने भी दबाव में घुटने टेक दिए। हालांकि इंद्रजीत और प्रदोष रंजन पॉल ने चौथे विकेट के लिए 73 रन बनाकर चुनौती पेश करने की कोशिश की लेकिन सिर्फ एक भागीदारी से काम नहीं चलने वाला था।

मुंबई की जीत में गेंदबाजी आल राउंडर ठाकुर (109 रन, 48 रन देकर दो विकेट और 16 रन देकर 2 विकेट) की भूमिका अहम रही जिन्होंने दूसरे दिन सभी प्रारूपों में अपना पहला शतक जड़कर टीम को पहली पारी में 7 विकेट पर 106 रन से उबारकर 232 रन की बढ़त दिलायी थी। फिर तीसरे दिन ठाकुर ने शुरू में ही तमिलनाडु के 2 विकेट झटक लिए जिससे मुंबई ने मेहमान टीम के दूसरी पारी में 10 रन तक 3 विकेट हासिल कर लिए थे। बी साई सुदर्शन को हालांकि श्रेयस अय्यर ने पहले ओवर में मिडविकेट पर कैच छोड़कर जीवनदान दिया लेकिन ठाकुर ने शानदार इनस्विंगर पर बाएं हाथ के इस बल्लेबाज को विकेटकीपर के हाथों कैच आउट करा दिया।

 

ठाकुर ने नई गेंद से खतरनाक स्विंग हासिल की और एन जगदीशन को खाता भी नहीं खोलने दिया। मोहित अवस्थी ने भी तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे वाशिंगटन सुंदर को आउट कर सफलता का स्वाद चखा। शीर्ष क्रम के चरमराने के बाद तमिलनाडु के लिए इंद्रजीत और प्रदोष रंजन ने जिम्मेदाराना साझेदारी की और मुंबई के गेंदबाजों को कोई और झटका नहीं देने दिया। इंद्रजीत ने 105 गेंद खेलकर 9 चौके की मदद से 70 रन बना लिए थे लेकिन अवस्थी की गेंद पर बल्ला छुआकर विकेटकीपर को कैच दे बैठे। 

 

मुंबई के स्पिनर तनुष कोटियान (18 रन देकर दो विकेट) और शम्स मुलानी (53 रन देकर 4 विकेट) ने फिर साथी तेज गेंदबाजों के साथ मिलकर तमिलनाडु के बल्लेबाजों पर दबाव बनाया तथा बाकी बचे 6 विकेट झटककर मेजबान टीम को जीत दिलाई। इससे पहले मुंबई की टीम पहली पारी में 378 रन पर सिमट गई। सुंदर ने तुषार देशपांडे (26 रन) को आउट कर कोटियान (नाबाद 89 रन) के साथ उनकी 10वें विकेट की साझेदारी समाप्त की।