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मेलबर्न : पाकिस्तान किकेट टीम के निदेशक मोहम्मद हफीज ने कहा कि खराब अंपायरिंग और डिसीजन रिव्यू सिस्टम (डीआरएस) में खामी के कारण उनकी टीम को दूसरे टेस्ट मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा। हफीज ने कहा कि हमने एक टीम के तौर पर गलतियां की, हम इन गलतियों से सीखेंगे। लेकिन मुझे यह भी लगता है कि खराब अंपायरिंग और तकनीकी खामी ने हमें ऐसा परिणाम दिया जोकि अलग भी हो सकता था। मैं समझता हूं कि ये कुछ ऐसे पहलू हैं जिन पर चर्चा होनी चाहिए। मैंने रिजवान से बात की और वह एक ईमानदार व्यक्ति हैं। उन्होंने मुझे बताया कि उन्हें यह महसूस तक नहीं हुआ कि गेंद उनके दस्ताने के किसी भी हिस्से को लगकर गई है और जैसा कि हमने देखा भी अंपायर के निर्णय को पलटने के लिए पर्याप्त सबूत होना चाहिए और इस मामले में कंक्लूसिव एविडेंस जैसी कोई बात नहीं थी।


हालांकि आईसीसी के पूर्व अंपायर सायमन टॉफल ने चैनल सेवन से बात करते हुए थर्ड अंपायर के इस फैसले को सही ठहराया और कहा कि थडर् अंपायर के पास रिजवान को आउट देने के पर्याप्त सबूत मौजूद थे क्योंकि गेंद रिस्ट बैंड के ऊपरी हिस्से से लगकर गई थी और वह दस्ताने से चिपका हुआ था। रिजवान का विकेट अपने नाम करने वाले कमिंस ने पारी में 5 विकेट सहित मैच में कुल 10 विकेट चटकाए। उन्होंने कहा कि मुझे लगा कि हमें रीव्यू लेना चाहिए और रीप्ले में साफ़ दिखा कि गेंद दस्ताने के स्ट्रैप से लगकर गई थी। हफीज ने डीआरएस में लेग बिफोर विकेट के निर्णय के संदर्भ में अंपायर्स कॉल के प्रावधान पर भी अपनी असहमति जताई।

 


दरअसल, मिचेल मार्श और स्टीव स्मिथ के बीच हुई 154 रन की साझेदारी के दौरान स्मिथ और मार्श दोनों ही अंपायर्स कॉल होने के चलते पगबाधा आउट होने से बच गए थे। हफीज ने कहा कि मैं तकनीक के पक्ष में हूं लेकिन तभी जब यह आपको फायदा पहुंचा पाए। लेकिन अगर इससे खेल में किसी तरह का संशय पैदा हो रहा है तो इसे किसी को भी स्वीकार नहीं करना चाहिए। क्योंकि कई बार तकनीक ऐसे निर्णय देता है जो हम एक मनुष्य होने के नाते स्वीकार नहीं कर पाते।


उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में मैच रेफरी या अंपायरों से जाकर चर्चा नहीं करेंगे क्योंकि उन्हें ही लगता कि इसका कोई नतीजा निकलेगा। हफीज ने कहा कि पाकिस्तान ने इस मैच में ऑस्ट्रेलिया से बेहतर क्रिकेट खेला। उन्होंने कहा कि एक टीम के तौर पर हमने बेहतर क्रिकेट खेला और मुझे इस पर गर्व है। जिस तरह से टीम ने निर्भीकता के साथ आक्रामक रूख अपनाया। अगर हम इस मैच को देखूं तो पाकिस्तान की बल्लेबाजी बेहतर थी, गेंदबाजी के दौरान हम गेंद सही जगह में डाल रहे थे।