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चंडीगढ़ : प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी एवं ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर की पहली पुण्यतिथि के मौके पर आज मोहाली का हॉकी स्टेडियम उन्हें समर्पित किया गया। स्टेडियम में सुबह उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। खेल, युवा मामलों के मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी ने मोहाली के अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम का नाम पद्मश्री बलबीर सिंह सीनियर के नाम पर रखने की कल मंजूरी दे दी थी और उनकी ओर से हॉकी स्टेडियम को महान खिलाड़ी को समर्पित किया गया। अब स्टेडियम को ‘ओलम्पियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनैशनल हॉकी स्टेडियम' के तौर पर जाना जाएगा। 

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राणा सोढी ने कहा कि कोविड की स्थिति में सुधार होने पर इस स्टेडियम में महान अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी की याद में एक अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामैंट करवाया जाएगा। बलबीर सिंह सीनियर के दोहते कबीर सिंह ने खेल मंत्री को स्नेह भावना के तौर पर प्रिंसिपल सरवन सिंह के द्वारा लिखी पुस्तक गोल्डन गोल भी भेंट की। खेल मंत्री ने बताया कि खेल विभाग राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए श्री सीनियर के नाम पर स्कालरशिप की शुरू करेगा और उनकी याद में स्टेडियम के प्रवेश द्वार पर एक प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। 

खेल मंत्री ने महान खिलाड़ी की याद में पौधे भी लगाए। ज्ञातव्य है कि बलबीर सिंह सीनियर ने तीन बार ओलम्पिक चैंपियन बनने के लिए भारतीय हॉकी टीम में अहम भूमिका निभाई और आज तक कोई भी उनका ओलम्पिक फाईनल का रिकाडर् तोड़ नहीं सका है। उन्होंने 1952 के ओलम्पिक खेल के फाइनल में पाँच गोल दागे जिसमें भारत ने नीदरलैंड पर 6-1 से जीत दर्ज की। बलबीर सिंह सीनियर वर्ष 1975 के विश्व कप विजेता भारतीय हॉकी टीम के मैनेजर थे।ॉ

उन्होंने खेल विभाग, पंजाब के डायरैक्टर के तौर पर सेवाएं निभाईं और नौजवानों को खेल जगत की तरफ उत्साहित किया। पंजाब सरकार ने इस महान खिलाड़ी को साल 2019 में महाराजा रणजीत सिंह अवाडर् के साथ सम्मानित किया था। इस मौके पर चार ओलम्पियन खिलाड़ी रजिन्दर सिंह सीनियर, रजिन्दर सिंह जूनियर, अजीत सिंह और प्रभजोत सिंह और सचिव, खेल राज कमल चौधरी, डायरैक्टर डीपीएस खरबन्दा मौजूद थे।

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