स्पोर्ट्स डेस्क : यूक्रेन की स्टार टेनिस खिलाड़ी एलिना स्वितोलिना ने ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 के सेमीफाइनल में पहुंचने के पीछे अपने मानसिक स्वास्थ्य ब्रेक को सबसे बड़ी वजह बताया है। 31 वर्षीय स्वितोलिना का कहना है कि अगर उन्होंने पिछले साल खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से तरोताजा करने के लिए ब्रेक नहीं लिया होता, तो शायद वह मेलबर्न में खेलती ही नहीं।
कोको गॉफ पर दमदार जीत
स्वितोलिना ने क्वार्टर फाइनल में तीसरी वरीयता प्राप्त अमेरिका की कोको गॉफ को महज़ 6-1, 6-2 से हराकर सभी को चौंका दिया। अब सेमीफाइनल में उनका सामना गुरुवार को वर्ल्ड नंबर-1 आर्यना सबालेंका से होगा, जहां फाइनल में जगह के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।
सितंबर 2025 में लिया था बड़ा फैसला
पूर्व वर्ल्ड नंबर-3 रह चुकी स्वितोलिना ने बताया कि उन्होंने सितंबर 2025 में अपना सीजन जल्दी खत्म करने का फैसला किया था। यह निर्णय उन्होंने अपनी टीम, परिवार और पति गेल मोनफिल्स से बातचीत के बाद लिया। स्वितोलिना अब तक तीन बार ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल तक पहुंच चुकी हैं, लेकिन फाइनल में जगह बनाना अभी भी उनका सपना बना हुआ है।
“अगर ब्रेक नहीं लेती, तो थक चुकी होती”
कोको गॉफ को हराने के बाद स्वितोलिना ने कहा, 'यह फैसला लेना आसान नहीं था, लेकिन इसमें कई सकारात्मक पहलू भी थे। अगर मैं लगातार खेलती रहती, तो शायद यहां तक पहुंच ही नहीं पाती। मैं पूरी तरह थकी हुई होती और यह भी तय नहीं था कि चोट से बच पाती या नहीं।'
ऑकलैंड खिताब और शानदार वापसी
ब्रेक के बाद प्रतिस्पर्धी टेनिस में लौटते हुए स्वितोलिना ने इस महीने ऑकलैंड में खिताब जीता और फिलहाल वह लगातार 10 मैच जीत चुकी हैं। उन्होंने आगे कहा कि शीर्ष स्तर पर खेलते समय जब खिलाड़ी खुद को लगातार सीमा तक धकेलता है, तभी चोटों का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ जाता है।
“एक कदम पीछे हटना जरूरी था”
मेलबर्न में 12वीं वरीयता प्राप्त स्वितोलिना ने कहा, 'जब तनाव बहुत ज्यादा हो जाता है, तो शरीर जवाब देना बंद कर देता है। मेरे लिए जरूरी था कि मैं एक कदम पीछे हटूं। मैं खुश हूं कि मैंने ऐसा किया।'