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नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व टेस्ट कप्तान अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। 38 वर्षीय रहाणे ने 30 जुलाई को इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपने फैसले की जानकारी दी। लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे रहाणे ने अपने शानदार करियर को अलविदा कह दिया।

भावुक संदेश के साथ किया संन्यास का ऐलान

रहाणे ने अपने बयान में लिखा, 'ज़िंदगी की सच्चाई यही है कि हर चीज़ की एक शुरुआत और एक अंत होता है। जब समय आता है तो उसका सम्मान करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। बल्लेबाजी में मैंने हमेशा टाइमिंग पर भरोसा किया और उसकी अहमियत समझी। आज मुझे लगता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का यही सही समय है।'

2013 में किया था टेस्ट डेब्यू

अजिंक्य रहाणे ने 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। उनका आखिरी टेस्ट मैच जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ था। पिछले कुछ वर्षों से उन्हें लगातार भारतीय टीम में जगह नहीं मिल रही थी और चयनकर्ताओं की अनदेखी के बाद उन्होंने संन्यास लेने का फैसला किया।

रहाणे के करियर के आंकड़े

रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट मैचों में 5,077 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 38.46 रहा, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल हैं। वनडे क्रिकेट में उन्होंने 90 मैचों में 2,962 रन बनाए। उनका औसत 35.26 रहा, जबकि उन्होंने 3 शतक और 24 अर्धशतक लगाए। टी20 अंतरराष्ट्रीय में रहाणे ने 20 मैचों में 375 रन बनाए। इस फॉर्मेट में उनका औसत 20.83 रहा और उनके नाम एक अर्धशतक दर्ज है। उन्होंने अपना आखिरी वनडे 2018 और आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच 2016 में खेला था।

घरेलू क्रिकेट में आखिरी मुकाबला

रहाणे का आखिरी प्रथम श्रेणी (फर्स्ट क्लास) मुकाबला पिछले साल मुंबई की ओर से हिमाचल प्रदेश के खिलाफ था। इस मैच में वह केवल दो रन ही बना सके, हालांकि मुंबई ने यह मुकाबला एक पारी और 120 रन से जीत लिया था।

कप्तान के तौर पर कभी नहीं हारे टेस्ट

अजिंक्य रहाणे का टेस्ट कप्तानी रिकॉर्ड शानदार रहा। उन्होंने विराट कोहली की गैरमौजूदगी में 6 टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी की। इनमें भारत ने 4 मुकाबले जीते, जबकि 2 टेस्ट ड्रॉ रहे। खास बात यह है कि रहाणे की कप्तानी में भारत को एक भी टेस्ट में हार का सामना नहीं करना पड़ा।

गाबा फतह बनी करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि

रहाणे के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी रही। एडिलेड टेस्ट में शर्मनाक हार और विराट कोहली के स्वदेश लौटने के बाद रहाणे ने टीम की कमान संभाली। उनकी कप्तानी में भारत ने मेलबर्न टेस्ट जीता, सिडनी में यादगार ड्रॉ खेला और फिर गाबा में ऑस्ट्रेलिया को हराकर इतिहास रचते हुए सीरीज 2-1 से अपने नाम की।

रहाणे की शांत कप्तानी, मुश्किल परिस्थितियों में शानदार बल्लेबाजी और टीम को प्रेरित करने की क्षमता उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे सम्मानित खिलाड़ियों में शामिल करती है।