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नई दिल्ली: जसप्रीत बुमराह की लगातार चोटों ने भारतीय क्रिकेट में उनकी उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर होने के बाद अब रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि BCCI और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) लंबे प्रारूप में बुमराह के बिना भविष्य की तैयारी पर विचार कर रहे हैं। 2027 वनडे वर्ल्ड कप के बाद बुमराह की भूमिका को मुख्य रूप से टी20 क्रिकेट तक सीमित किए जाने की संभावना भी जताई गई है।

श्रीलंका टेस्ट सीरीज से बाहर हैं बुमराह

बुमराह इस समय घुटने की चोट से उबर रहे हैं और बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैबिलिटेशन कर रहे हैं। उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में फील्डिंग के दौरान चोट लगी थी, जिसके बाद वह लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे वनडे से भी बाहर रहे। उनकी फिटनेस को लेकर अभी वापसी की कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, CoE में बुमराह की गेंदबाजी का वर्कलोड धीरे-धीरे बढ़ाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन लंबे समय तक रेड-बॉल गेंदबाजी से दूर रहने के कारण श्रीलंका टेस्ट सीरीज तक उनकी वापसी को जल्दबाजी वाला कदम माना गया।

'भारतीय क्रिकेट को बुमराह के बिना जीवन के लिए तैयार होना पड़ सकता है'

TOI की रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा गया है कि बुमराह को लेकर CoE बेहद सावधानी बरत रहा है और उनकी वापसी की कोई समयसीमा तय नहीं की गई है। 'CoE उनके मामले में काफी सावधानी बरत रहा है। उन्होंने उनकी वापसी की कोई समयसीमा नहीं दी है। वैसे भी भारतीय क्रिकेट को अब बुमराह के बिना जीवन के लिए तैयार होना पड़ सकता है, खासकर अगले साल के बाद लंबे प्रारूपों में।'

अगर बुमराह की चोटों का सिलसिला जारी रहता है, तो भारतीय टीम मैनेजमेंट को टेस्ट और वनडे में उनके विकल्प तैयार करने पर ज्यादा ध्यान देना होगा। हालांकि, यह अभी रिपोर्ट्स पर आधारित संभावना है और बुमराह के अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है।

2027 वर्ल्ड कप के बाद बदल सकती है भूमिका

बुमराह की फिटनेस को देखते हुए रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप के बाद उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कार्यक्रम को सीमित किया जा सकता है। ऐसे में टी20 क्रिकेट में उनकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल जारी रखते हुए टेस्ट और वनडे के लिए युवा तेज गेंदबाजों को तैयार करने की रणनीति अपनाई जा सकती है। बुमराह भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में सबसे अहम तेज गेंदबाजों में से एक रहे हैं। इसलिए उनके कार्यभार को नियंत्रित करना और चोट से बचाना टीम मैनेजमेंट के लिए बड़ी प्राथमिकता बन गया है।

भारतीय टीम चोटों से परेशान

बुमराह की चोट अकेली चिंता नहीं है। भारतीय टीम इस समय कई खिलाड़ियों की फिटनेस समस्याओं से जूझ रही है। साई सुदर्शन पैर के अंगूठे की चोट के कारण बाहर हैं, जबकि वॉशिंगटन सुंदर क्वाड्रिसेप्स स्ट्रेन से जूझ रहे हैं। हर्षित राणा और नितीश कुमार रेड्डी भी हैमस्ट्रिंग की चोट से उबर रहे हैं। ऐसे में लगातार बढ़ती चोटों ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की रिहैबिलिटेशन और फिटनेस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। बुमराह की गैरमौजूदगी भारत के लिए खास तौर पर टेस्ट क्रिकेट में बड़ा झटका है, जहां उनकी गेंदबाजी टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाती रही है।