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खेल डैस्क : चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के लिए पाकिस्तान की दावेदारी खतरे में आते ही आयरलैंड क्रिकेट मौका भुनाने के लिए आगे आ गई है। बताया जा रहा है कि टीम इंडिया ने सुरक्षा कारणों के चलते पाकिस्तान जाने से इंकार कर दिया है, ऐसे में चैंपियंस ट्रॉफी को हाईब्रिड मॉडल के तौर पर करवाए जाने की बात उठी है। हालांकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इसका विरोध कर रहा है लेकिन इसी बीच आयरलैंड क्रिकेट ने मेजबानी के लिए दावेदार कर नई चर्चा छेड़ दी है। आयरलैंड क्रिकेट ने बाकायदा आईसीसी सीईओ को लैटर भी जारी की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लेटर डालकर लिखा है- हम पीछे हटने वाले लोग नहीं हैं। हमने आज 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी के लिए अपनी बोली जारी कर दी है, और हम ग्रेग बार्कले की बात सुनने के लिए उत्सुक हैं। @आईसीसी इसके बारे में आपका क्या कहना है।


आयरलैंड क्रिकेट की आईसीसी को लिखी लेटर में कई मजेदार बातें लिखी गई हैं। पढ़ें:- 

प्रिय ग्रेग
आइसलैंड क्रिकेट एसोसिएशन चैंपियंस ट्रॉफी 2025 टूर्नामेंट जोकि फरवरी और मार्च में पाकिस्तान में होना था, की मेजबानी के लिए रुचि रखता है। हम अवसरवादी और उत्साहपूर्वक उन व्यापक अफवाहों का जवाब दे रहे हैं कि टूर्नामेंट पाकिस्तान में नहीं खेला जाएगा क्योंकि एक बोर्ड ने राजनीतिक और सुरक्षा जोखिमों के बारे में चिंता जताई है।

हम सुन रहे हैं कि टूर्नामेंट के लिए हाइब्रिड मॉडल को प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि यह किसी के लिए स्पष्ट नहीं है कि इसका क्या मतलब है। हम इसी बीच टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए बोली लगाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। हमारे पास एक उत्कृष्ट टूर्नामेंट की मेजबानी करने का इरादा, प्रशंसक संख्या और बढ़िया मैदान हैं।


हालांकि फरवरी और मार्च के महीनों के दौरान आइसलैंड में मौसम काफी ठंडा होता है लेकिन हमारे पास खिलाड़ियों को हमेशा गर्म रखने के लिए बिजली और कई इलेक्ट्रिक पैनल हीटर की प्रचुर आपूर्ति भी है। बताया गया है कि हमारी ज्वालामुखीय राख वाली मिट्टी यूरोप में सबसे बढ़िया है।

 

 

 

बता दें कि सोमवार सुबह से ही आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 पाकिस्तान में आयोजित नहीं की जाएगी, जैसी खबरें सोशल मीडिया पर लगातार बनी हुई थीं। कहा गया कि भारतीय टीम सुरक्षा कारणों के चलते पड़ोसी देश की यात्रा नहीं करेगी। ऐसे में टूर्नामेंट को हाईब्रिड मॉडल पर यूएई करवाया जा सकता है।

इसी बीच पीसीबी अधिकारियों ने कहा कि पिछले दो वर्षों में कई शीर्ष टीमों ने बिना किसी सुरक्षा चिंता के पाकिस्तान का दौरा किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि भारत अपनी टीम नहीं भेजता है और उसके मैच दूसरे देश में स्थानांतरित किए जाते हैं, तो आईसीसी को इसके लिए पाकिस्तान को मुआवजा देना होगा।