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नाटिंघम : भारतीय कप्तान विराट कोहली ने पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में आज यहां इंग्लैंड पर आठ विकेट की जीत के बाद बायें हाथ के चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव की जमकर तारीफ की जिन्होंने अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी की। पहली बार पांच या इससे अधिक विकेट चटकाने वाले कुलदीप (25 रन पर छह विकेट) इंग्लैंड की धरती पर छह विकेट हासिल करने वाले पहले स्पिनर बने जिससे मेजबान टीम अच्छी शुरुआत के बावजूद 49.5 ओवर में 268 रन पर सिमट गई।

इसके जवाब में भारत ने सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा की 114 गेंद में चार छक्कों और 15 चौकों से नाबाद 137 रन की पारी के अलावा कप्तान विराट कोहली (82 गेंद में 75 रन, सात चौके) के साथ उनकी दूसरे विकेट की 167 रन की साझेदारी की बदौलत 9.5 ओवर शेष रहते दो विकेट पर 269 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की।

कोहली ने मैच के बाद कुलदीप की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘हमने अच्छा प्रदर्शन किया। कुलदीप बेहतरीन था, मुझे नहीं लगता कि पिछले कुछ समय में मैंने इससे बेहतर वनडे स्पैल देखा है। हम चाहते थे कि वह आत्मविश्वास के साथ गेंदबाजी करे क्योंकि हमें पता है कि वह मैच विजेता बन सकता है। 50 ओवर के क्रिकेट में अगर आप विकेट हासिल नहीं करते तो फिर काफी मुश्किल हो जाती है।

टेस्ट टीम में कुलदीप को जगह मिलने के बारे में पूछने पर कोहली ने कहा- वहां कुछ हैरान करने वाले नाम हो सकते हैं, टेस्ट टीम का चयन करने में अभी कुछ दिन का समय है। इंग्लैंड के बल्लेबाजों को संघर्ष करते हुए देखकर हम ऐसा करने का लालच कर सकते हैं। मौसम बेहतरीन है। अब तक यह काफी अच्छा रहा है। ऐसा नहीं लग रहा कि हम घर से दूर हैं। इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन ने स्वीकार किया कि भारत ने उन्हें बुरी तरह से पछाड़ दिया। उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर यह हमारा सर्वश्रेष्ठ दिन नहीं था। भारत को पूरा श्रेय जाता है, उन्होंने हमें पूरी तरह से पछाड़ दिया।’’

इंग्लैंड के बल्लेबाजों को कुलदीप की गेंदों का सामना करने में काफी परेशानी हुई जिसे मोर्गन ने भी स्वीकार किया, उन्होंने कहा, ‘‘स्पिन के खिलाफ खेलना चुनौती है और उम्मीद करते हैं कि हम सुधार जारी रखेंगे। हमें बैठकर उन्हें (कुलदीप और युजवेंद्र चहल) खेलने का बेहतर तरीका ढूंढना होगा। लाड्र्स में हालात शायद अलग होंगे। उन्होंने कहा- उसने (कुलदीप ने) किसी अन्य स्पिनर की तुलना में अधिक टर्न हासिल किया। स्पिन के खिलाफ खेलने की क्षमता में हमें सुधार करना होगा। ईमानदारी से कहूं तो अब और विश्व कप तक के बीच में हमें अपने कमजोर पक्षों को चुनौती देनी होगी और यह उनमे से एक है।

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