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स्पोर्ट्स डेस्क : भारत के पूर्व गेंदबाजी कोच पारस म्हाम्ब्रे ने कहा कि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को एक खिलाड़ी के तौर पर उनके विकास का श्रेय दिया जाना चाहिए। उन्होंने 2013 में IPL में आने के बाद से अब तक जिस तरह से खुद को बेहतर बनाया है, वह काबिले-तारीफ है। दुनिया में बहुत कम ऐसे गेंदबाज हैं जिन्होंने तीनों फॉर्मेट में इतना बड़ा असर डाला है। 2016 में अपने इंटरनेशनल डेब्यू के बाद से बुमराह तेजी से भारत के सबसे बेहतरीन तेज गेंदबाजों में से एक बन गए हैं। बारबाडोस में भारत की 2024 मेन्स T20 वर्ल्ड कप जीत में बुमराह ने 15 विकेट लिए और 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' चुने गए। 

म्हाम्ब्रे ने कहा, 'एक खिलाड़ी के तौर पर बुमराह ने जिस तरह से खुद को बेहतर बनाया है, उसके लिए उन्हें श्रेय दिया जाना चाहिए। वह बहुत फोकस्ड हैं। उन्हें अपने खेल की अच्छी समझ है। वह हमेशा बेहतर करने की कोशिश करते रहते हैं। इसीलिए वह नंबर वन हैं। वह तीनों फॉर्मेट में दुनिया के सबसे बेहतरीन खिलाड़ी हैं। खिलाड़ियों को सिर्फ खेले गए मैचों की संख्या से नहीं आंकना चाहिए, बल्कि यह भी देखना चाहिए कि उन्होंने तीनों फॉर्मेट में कैसा असर डाला है।' 

उन्होंने कहा, 'दुनिया में बहुत कम गेंदबाज ऐसे हैं जो तीनों फॉर्मेट में इतना असर डालते हैं। टी20, वनडे और टेस्ट में उनके आंकड़े उनकी मेहनत और लगन को दिखाते हैं। वह उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से हैं जिन्हें टेस्ट क्रिकेट खेलना पसंद है। वह आसानी से हार नहीं मानते और गेंद को छोड़ते नहीं हैं।' 

पूर्व कोच ने बुमराह के लीडरशिप रोल को पसंद करने पर भी खुशी जताई जिन्होंने अब तक तीन टेस्ट मैचों में कप्तानी की है। म्हाम्ब्रे ने कहा, 'उन्हें टीम की कप्तानी करना भी पसंद आने लगा है और मैं इस बात से बहुत खुश हूं। वह सिर्फ अपने खेल पर ही ध्यान नहीं देते, बल्कि सबको साथ लेकर चलते हैं। वह समझते हैं कि उनकी भूमिका दूसरों को तैयार करने और उनकी मदद करने की भी है और उन्होंने इसे बहुत अच्छे से निभाया है। यह सिर्फ देश के लिए मैच जीतने की बात नहीं है। यह हर किसी पर अपनी छाप छोड़ने की बात है।'