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पुडुचेरी: तीसरे और अंतिम एकदिवसीय मुकाबले में भारत ए ने ऑस्ट्रेलिया ए को 49 रन से हराकर सीरीज का समापन जीत के साथ किया। सूर्यांश शेडगे की शानदार बल्लेबाजी और गुरजपनीत सिंह की प्रभावशाली गेंदबाजी भारत की जीत के प्रमुख कारण रहे। हालांकि, शुरुआती दो मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन के दम पर ऑस्ट्रेलिया ए ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली।

सूर्यांश शेडगे ने संकट में संभाली भारत ए की पारी

भारत ए की पारी उस समय मुश्किल में आ गई, जब टीम ने 159 रन पर छह विकेट गंवा दिए थे। ऐसे में सूर्यांश शेडगे ने जिम्मेदारी संभालते हुए आक्रामक बल्लेबाजी की और 60 गेंदों पर 66 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी से टीम को मुश्किल परिस्थिति से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई। निचले क्रम में विपराज निगम ने भी शानदार साथ दिया, जिससे भारतीय टीम चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचने में सफल रही।

विपराज निगम के साथ सातवें विकेट के लिए अहम साझेदारी

सूर्यांश शेडगे और विपराज निगम ने सातवें विकेट के लिए 85 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। निगम ने 40 रन बनाकर टीम के स्कोर को मजबूती दी और ऑस्ट्रेलिया ए के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। दोनों बल्लेबाजों की इस साझेदारी ने भारत ए को 159 रन पर छह विकेट से आगे बढ़ाकर 275 रन तक पहुंचाने में मदद की। भारतीय टीम 275 रन पर ऑल आउट हुई, जिससे मेहमान टीम के सामने एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य खड़ा हो गया।

प्रभसिमरन सिंह और प्रियांश आर्य ने दिलाई शानदार शुरुआत

इससे पहले भारत ए ने बल्लेबाजी में अच्छी शुरुआत की थी। सलामी बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह ने 34 गेंदों पर 39 रन बनाए, जबकि प्रियांश आर्य ने 45 गेंदों पर 49 रन की उपयोगी पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 10.4 ओवर में 83 रन जोड़कर टीम को मजबूत आधार दिया। हालांकि, इस साझेदारी के टूटने के बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई और टीम को लगातार विकेट गंवाने पड़े।

बेन ड्वारशुइस और विल सदरलैंड ने भारत को दिए झटके

ऑस्ट्रेलिया ए की ओर से बेन ड्वारशुइस और विल सदरलैंड ने शानदार गेंदबाजी करते हुए भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया। ड्वारशुइस ने 38 रन देकर तीन विकेट लिए, जबकि सदरलैंड ने 44 रन खर्च करके तीन बल्लेबाजों को आउट किया। दोनों गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर भारत ए को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोकने की कोशिश की। हालांकि, शेडगे और निगम की साझेदारी ने ऑस्ट्रेलियाई टीम की मेहनत पर पानी फेर दिया।

276 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया ए की अच्छी शुरुआत

276 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया ए ने भी सकारात्मक शुरुआत की। जोश फिलिप और लियाम स्कॉट ने पहले विकेट के लिए 15 ओवर में 82 रन जोड़े और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। फिलिप ने 56 रन की शानदार पारी खेली, जबकि स्कॉट ने 26 रन बनाए। हालांकि, दोनों बल्लेबाज टीम के 82 रन के स्कोर पर आउट हो गए, जिसके बाद भारत ए को मुकाबले में वापसी का मौका मिला।

लाचलान शॉ और नाथन मैकस्वीनी ने संभाली पारी

शुरुआती विकेट गिरने के बाद लाचलान शॉ और नाथन मैकस्वीनी ने ऑस्ट्रेलिया ए की पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 58 रन जोड़कर टीम की जीत की उम्मीदों को बनाए रखा। शॉ ने 31 रन बनाए, जबकि मैकस्वीनी ने 39 रन का योगदान दिया। उनकी साझेदारी के दौरान ऑस्ट्रेलिया ए लक्ष्य की ओर बढ़ती दिखाई दे रही थी, लेकिन गुरजपनीत सिंह ने मैकस्वीनी को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ दिया।

गुरजपनीत सिंह की गेंदबाजी ने पलटा मैच का रुख

गुरजपनीत सिंह ने महत्वपूर्ण समय पर विकेट लेकर भारत ए की वापसी सुनिश्चित की। मैकस्वीनी का विकेट गिरने के बाद ऑस्ट्रेलिया ए का मध्यक्रम और निचला क्रम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सका। मेहमान टीम ने केवल 86 रन के भीतर अपने अंतिम सात विकेट गंवा दिए। लगातार विकेट गिरने से ऑस्ट्रेलिया ए की रन बनाने की गति प्रभावित हुई और पूरी टीम 226 रन पर सिमट गई। भारत ए ने इस तरह मुकाबला 49 रन से अपने नाम कर लिया।

भारत ए ने जीत के साथ किया सीरीज का अंत

तीसरे वनडे में जीत भारत ए के लिए राहत भरी रही, क्योंकि टीम ने निर्णायक क्षणों में शानदार वापसी करते हुए मुकाबले का परिणाम अपने पक्ष में किया। सूर्यांश शेडगे की 66 रन की पारी और विपराज निगम के साथ उनकी महत्वपूर्ण साझेदारी ने बल्लेबाजी में अंतर पैदा किया। वहीं, गुरजपनीत सिंह की गेंदबाजी ने ऑस्ट्रेलिया ए के मध्यक्रम को बिखेरने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, सीरीज के शुरुआती दो मुकाबलों में बढ़त हासिल करने वाली ऑस्ट्रेलिया ए ने श्रृंखला 2-1 से जीत ली।