कोलंबो: भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा और आखिरी टेस्ट रविवार से कोलंबो के सिन्हलीज स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेला जाएगा। गॉल टेस्ट में 165 रन की बड़ी जीत के बाद टीम इंडिया के पास सीरीज 2-0 से जीतने का शानदार मौका है। भारत ने आखिरी बार जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ विदेशी धरती पर टेस्ट सीरीज जीती थी। इसके बाद टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार मिली, जबकि दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के खिलाफ विदेशी सीरीज ड्रॉ रही।
गॉल की जीत ने टीम इंडिया का दबाव किया कम
पहले टेस्ट में श्रीलंकाई स्पिनरों की मददगार परिस्थितियों के बावजूद भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 165 रन से जीत दर्ज की। यह जीत कप्तान शुभमन गिल और मुख्य कोच गौतम गंभीर के लिए भी राहत लेकर आई। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में मिली निराशाजनक हार के बाद टीम पर दबाव बढ़ गया था। गॉल में मिली जीत ने टीम के माहौल को बदल दिया और खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाया।
WTC पॉइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर पहुंचने का मौका
अगर भारत दूसरे टेस्ट में श्रीलंका को हराकर 2-0 से क्लीन स्वीप करता है, तो टीम के वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप पॉइंट्स प्रतिशत 57.58 तक पहुंच सकते हैं। इससे भारत के पास अंक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंचने का मौका होगा। बांग्लादेश फिलहाल 66.67 प्रतिशत अंकों के साथ चौथे स्थान पर है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट में हार की स्थिति में उसका प्रतिशत 55.56 तक गिर सकता है। ऐसे में भारत के लिए कोलंबो टेस्ट का महत्व और बढ़ गया है।
गिल के सामने स्पिन की चुनौती, बड़ी पारी से जवाब देने का मौका
शुभमन गिल शानदार फॉर्म में हैं और पिछले छह टेस्ट पारियों में दो शतक लगा चुके हैं। कप्तान बनने के बाद उनके आंकड़ों में भी जबरदस्त सुधार देखने को मिला है। कप्तान के रूप में गिल ने 10 टेस्ट में 73 से ज्यादा की औसत से 1100 रन बनाए हैं। कप्तानी संभालने से पहले उन्होंने 32 टेस्ट में 35 की औसत से 1893 रन बनाए थे।
हालांकि, स्पिन के खिलाफ उनकी कमजोरी अभी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। गॉल टेस्ट में प्रभात जयसूर्या ने गिल को दोनों पारियों में आउट किया था। ऐसे में दूसरे टेस्ट में गिल बड़ी पारी खेलकर इस कमजोरी पर लग रहे सवालों का जवाब देना चाहेंगे। उनके सामने एक और बड़ा लक्ष्य भारत को अपनी कप्तानी में पहली विदेशी टेस्ट सीरीज जीत दिलाना है। अगर गिल बल्ले से बड़ी पारी खेलते हैं और टीम 2-0 से सीरीज जीतती है, तो यह उनके कप्तानी करियर की बड़ी उपलब्धि होगी।
जायसवाल की खराब फॉर्म चिंता का विषय
यशस्वी जायसवाल भी बड़ी पारी की तलाश में हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ दिल्ली टेस्ट में शतक लगाने के बाद वह अपनी पिछली आठ पारियों में सिर्फ एक अर्धशतक लगा पाए हैं। जायसवाल को तेज गेंदबाजों के खिलाफ कट और चिप शॉट खेलने के दौरान आउट होने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गॉल टेस्ट की दूसरी पारी में भी वह इसी तरह आउट हुए थे।
असिता फर्नांडो की शॉर्ट गेंद को कट करने की कोशिश में जायसवाल ने विकेटकीपर निरोशन डिकवेला को कैच थमा दिया। इसके बाद 24 वर्षीय बल्लेबाज ने शुक्रवार को SSC मैदान पर नेट्स में लंबे समय तक अभ्यास किया। भारत के गेंदबाजों और गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने ऑफ स्टंप के बाहर गेंदबाजी कर उन्हें कट शॉट खेलने के लिए ललचाने की कोशिश की। हालांकि, अभ्यास के दौरान जायसवाल ने काफी संयम दिखाते हुए कई गेंदों को छोड़ दिया।
"कुलदीप या सारांश?" टीम चयन पर बड़ी नजर
दूसरे टेस्ट से पहले सबसे बड़ा सवाल टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन को लेकर है। गॉल टेस्ट में कुलदीप यादव का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। कुलदीप ने दोनों पारियों में 25 ओवर गेंदबाजी कर सिर्फ एक विकेट लिया। वह भारतीय गेंदबाजों में सबसे महंगे भी रहे और प्रति ओवर चार से ज्यादा रन खर्च किए।
ऐसे में टीम मैनेजमेंट बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप की जगह ऑफ स्पिनर सारांश जैन को मौका देने पर विचार कर सकता है। श्रीलंकाई टीम में कई बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, इसलिए सारांश का ऑफ स्पिन एक रणनीतिक विकल्प बन सकता है।
हालांकि, सिर्फ एक मैच के बाद किसी अनुभवी गेंदबाज को बाहर करना टीम मैनेजमेंट की ओर से कड़ा फैसला माना जाएगा। शुक्रवार को कुलदीप का नेट्स में नहीं दिखना उनके प्लेइंग इलेवन से बाहर होने की अटकलों को बढ़ा रहा है।
श्रीलंका को शीर्ष क्रम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
श्रीलंका के लिए दूसरे टेस्ट में सबसे बड़ी चिंता उसका शीर्ष क्रम है। पहले टेस्ट में बल्लेबाज अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके और आक्रामक शॉट खेलने के प्रयास में जल्दी विकेट गंवाते रहे। मेजबान टीम को इन-फॉर्म कमिल मिशारा और साहन अरच्चिगे के शामिल होने से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। दोनों बल्लेबाजों के आने से श्रीलंका की बल्लेबाजी को मजबूती मिलने की संभावना है।