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नई दिल्ली : भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने कहा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ निर्णायक तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में कृणाल पंड्या को एक रन लेने से इनकार करने के बाद उन्हें विश्वास था कि वह छक्का मार सकते हैं। हैमिल्टन में तीसरे और अंतिम टी-20 में चीजें भारतीय टीम की योजना के अनुसार नहीं हुई और कार्तिक को इसे स्वीकार करने में कोई परेशानी नहीं है। भारत को अंतिम ओवर में 16 रन की दरकार थी। कार्तिक ने तीसरी गेंद पर बड़े शाट खेलने में सक्षम कृणाल को एक रन लेने से इनकार कर दिया जिसके बाद यह बहस शुरू हुई कि उन्होंने सही फैसला किया या नहीं।

I backed myself to hit a six after not taking that single : Karthik

कार्तिक ने कहा- मुझे लगता है कि उस स्थिति (145 रन पर छह विकेट) के बाद मैंने और कृणाल ने काफी अच्छी बल्लेबाजी की। हम मैच को ऐसी स्थिति में लाने में सफल रहे जहां गेंदबाज दबाव में थे। हमें काम खत्म करने का यकीन था। और उस समय (एक रन लेने से इनकार करने के बाद) मुझे विश्वास था कि मैं छक्का मार सकता हूं। पिछले कुछ वर्षों में हालांकि कार्तिक छोटे प्रारूप में भारत के लिए सबसे प्रभावी फिनिशर में से एक के रूप में उभरे हैं। कार्तिक हैमिल्टन में चूक गए लेकिन वह और कृणाल ही मैच को अंतिम ओवर तक लेकर गए जबकि टीम इंडिया 16वें ओवर में 145 रन तक छह विकेट गंवा चुकी थी और उसे जीत के लिए 28 ओवर में 68 रन की जरूरत थी।

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कार्तिक ने कहा- मध्यक्रम के बल्लेबाज के रूप में कई बार आपको दबाव में बड़े शाट खेलने की अपनी क्षमता पर विश्वास करना होता है। उस समय अपने जोड़ीदार पर भरोसा करना भी महत्वपूर्ण है। उस मौके पर मैं उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा लेकिन क्रिकेट के खेल में ऐसी चीजें होती हैं। कार्तिक और कृणाल ने 28 गेंद में 63 रन की अटूट साझेदारी की लेकिन यह भारत को हार से बचाने के लिए काफी नहीं था। भारत ने यह मैच चार रन से गंवाकर श्रृंखला भी 1-2 से गंवा दी। यह पूछने पर कि क्या एक रन लेने से इनकार करने पर टीम प्रबंधन ने उनसे बात की, कार्तिक ने कहा, ‘‘वे सभी स्थिति से अवगत थे और जानते थे कि हमने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया। उस दिन हम काफी अच्छे नहीं थे। लेकिन सहयोगी स्टाफ लंबे समय से हमारे साथ है इसलिए इसे समझता है (हमारी योजना को)। लगभग 15 साल पहले अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने वाले काॢतक अब तक सिर्फ 26 टेस्ट, 91 वनडे और 30 टी20 ही खेल पाए हैं।

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पिछले 24 महीने में हालांकि उनकी उनके करियर में नई जान आ गई है और वह 20 एकदिवसीय और 21 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं जबकि आठ साल से अधिक समय बाद टेस्ट टीम में वापसी करने में भी सफल रहे। मुंबई के दिग्गज अभिषेक नायर को अपनी हाल की सफलता का श्रेय देने वाले काॢतक को याद नहीं कि उन्होंने कभी इससे बेहतर बल्लेबाजी की हो। लगातार अच्छे प्रदर्शन के बावजूद काॢतक को आस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली आगामी टी20 और एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है जो मई-जुलाई में होने वाले विश्व कप से पूर्व भारत की अंतिम श्रृंखला है। काॢतक ने कहा कि वह एक बार फिर खुद को साबित करने के लिए तैयार हैं।

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