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बेंगलुरु : भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल ने हॉकी खेलने के लिए युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा है कि हॉकी ने उन्हें और टीम की अन्य खिलाडिय़ों को बेहद कम आयु में आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाया है और अब वे अपने परिवार की जरूरतों का ध्यान रखने के लिए बेहतर स्थिति में हैं।
रानी ने कहा- मेरे ख्याल से आज से 10-15 साल पहले जब कोई कहता था कि वह हॉकी का अपना करियर बनाना चाहते है तो लोग या तो हंसते थे या कहते थे कि वह किस तरह से अपनी आजीविका चलाएंगे लेकिन अब स्थिति में बहुत बड़ा बदलाव आ चुका हैं।

देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न से सम्मानित खिलाड़ी ने कहा- हॉकी इंडिया अब लगातार राष्ट्रीय चैंम्पियनशिप का आयोजन करता है जिससे हॉकी खेलने की चाह रखने वाले खिलाडिय़ों को अपना कौशल दिखाने का मौका मिलता है और शीर्ष स्तर पर लगातार अच्छे प्रदर्शन से खिलाडिय़ों को नौकरी मिलने और राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के अवसर भी मिलते हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय के दौरान महिला टीम ने कई टूर्नामेंट जीते हैं और एशियाई खेलों में टीम ने रजत पदक भी जीता था। टीम ने लगातार दूसरी बार ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया है जिसके उन्हें समय के साथ इनाम भी मिला है।

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